पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

तनाव हो तो सेक्स करती है कश्मीरा

तनाव हो तो सेक्स करती है कश्मीरा

मुंबई. 26 मार्च 2012

कश्मीरा शाह


हिंदी और भाषाई फिल्मों में छोटी-मोटी भूमिका निभाने वाली कश्मीरा शाह का कहना है कि जब उन्हें तनाव होता है, तब वो अपने ब्वाय फ्रेंड के साथ सेक्स करती हैं. कश्मीरा का कहना है कि अगर आप बेड पर खुश नहीं हैं तो आप कहीं भी खुश नहीं रह सकते. जाहिर है, कश्मीरा शाह के इस बयान पर अभी हंगामा मचा हुआ है.

जिस कश्मीरा शाह को लाखों फिल्मी कलाकारों के बीच कोई खास पहचान नहीं मिल पा रही थी, वह अब एकाध सप्ताह तक चर्चा में रहेगी. एकाध सस्ते जुमले हवा में तैराकर अपनी पहचान बनाने की कोशिश करने वाली कश्मीरा को इतनी चर्चा तो करोड़ों के विज्ञापनों के बाद भी नहीं मिलती और इस बयान के सहारे भी तो वह चर्चा ही तो चाहती थीं.

पिछले दो-तीन सालों से भारतीय फिल्म उद्योग एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहां देह की नुमाइश या विवादास्पद बयान ही अभिनय की सबसे बड़ी पहचान बन गये हैं.

अब पूनम पांडेय नामक कथित अभिनेत्री को ही ले लें. पूनम पांडेय के पास कुल जमा 10 लोगों की टीम है, जो उनकी नंगी-अधनंगी तस्वीरें और वीडियो शूट करता है, उन्हें नेट पर जारी करता है और फिर उसे लोकप्रिय बनाने के लिये ट्वीटर से लेकर फेसबुक और दूसरे माध्यमों तक सक्रिय हो जाता है.

पूनम पांडेय से लेकर पाउली दाम तक सबका ध्यान इस बात पर अधिक रहता है कि किस तरह फोटो सेशन करवाया जाये या किस तरह बयान दिया जाये कि बदनाम होंगे तो नाम न होगा, की तर्ज पर सब तरफ उनके ही चर्चे हों. फिल्म इंडस्ट्री में ऐसे लोगों की एक लंबी कतार है, जिन्होंने अभिनय या निर्देशन के बजाये अपने को विवादास्पद बयानों में उलझाया और फिर उनकी दुकान चल निकली. ये और बात है कि उनका इसी तरह कथित सफल होने का पुल कुछ ही महीनों के भीतर भरभरा कर गिर जाता है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in