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राजोआणा की फांसी पर राजनीति तेज

राजोआणा की फांसी पर राजनीति तेज

चंडीगढ़. 27 मार्च 2012

बलवंत सिंह राजोआणा


पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के आरोपी बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की पर राजनीति तेज हो गयी है. पंजाब सरकार समेत कई संगठनों ने मांग की है कि बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी की सजा को रद्द किया जाये. पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल ने शिरोमणि अकाली दल की बैठक में तय किया है कि बलवंत सिंह राजोआणा को किसी भी कीमत पर पंजाब में फांसी नहीं दी जाएगी.

इस बैठक के बाद पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि बेअंत सिंह हत्या मामले के दोषी बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी 31 मार्च को नहीं हो पाएगी. उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर कानून एवं व्यवस्था बरकरार रखने की है. उन्होंने कहा कि राजोआणा को फांसी देने के आदेश पर तामील नहीं हो सकती क्योंकि एसजीपीसी ने उन्हें माफी देने के लिए राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की है.

शिरोमणि अकाली दल के महासचिव प्रेमसिंह चंदूमाजरा का कहना है कि इस मुद्दे पर पार्टी दूसरे संगठनों से भी मदद लेगी और विधानसभा में भी प्रकाश सिंह बादल इस मामले में अपनी राय स्पष्ट करेंगे. इसके अलावा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान जत्थेदार अवतार सिंह मक्कड़ फांसी के मुद्दे पर राष्ट्रपति के समक्ष अपील भी की है.

इधर शिरोमणी अकाली दल दिल्ली ने पंजाब सरकार के इस रव्वैये की आलोचना करते हुये कहा है कि सरकार आम जनता का ध्यान बंटाने की कोशिश कर रही है. शिरोमणी अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना का कहना है कि अगर प्रकाश सिंह बादल ने बलवंत सिंह राजोआणा को फांसी नहीं देने की मांग की है तो वे विधानसभा से इसका प्रस्ताव क्यों नहीं पारित करवा रहे हैं ?

गौरतलब है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरेंदर सिंह और बेअंत सिंह के परिवार वाले पहले ही बलवंत सिंह राजोआणा की फांसी को माफ करने की अपील कर चुके हैं.