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वी के सिंह की चिट्ठी पर बवाल

वी के सिंह की चिट्ठी पर बवाल

नई दिल्ली. 28 मार्च 2012

वी के सिंह


रक्षामंत्री एके एंटनी ने बुधवार को राज्यसभा में स्वीकार किया कि सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने प्रधानमंत्री को एक चिट्ठी लिखी थी लेकिन उन्होंने चिट्ठी की ब्यौरा देने से इंकार कर दिया है.भारतीय मीडिया में बुधवार को छपी ख़बरों के अनुसार सेनाध्यक्ष वीके सिंह ने प्रधानमंत्री को लिखी कथित चिट्ठी में भारतीय सेना के पास हथियारों और बारूद की कमी की जिक्र किया है.

मीडिया को लीक हुआ यह पत्र इस साल 12 मार्च को सेनाध्यक्ष की ओर से प्रधानमंत्री को लिखा गया जिसमें कहा गया है कि प्रधानमंत्री, 'सेना को मुस्तैद बनाने के लिए ज़रूरी आदेश जारी करें.'

इस पत्र में सेनाध्यक्ष ने लिखा है कि भारत में सैन्य हथियारों, हवाई सुरक्षा और पैदल सेना की हालत ‘चिंताजनक’ है. सेनाध्यक्ष ने यहां तक लिखा कि, ''दुश्मन सेना के टैंकों से लड़ने के लिए सेना के पास ज़रूरी युद्ध सामग्री तक नहीं है और हवाई सुरक्षा का 97 फीसदी साजो-सामान बेकार हो चुका है.''

रक्षामंत्री ने सदन और देश को भरोसा दिलाया कि भारतीय सेना की तैयारियां मज़बूत रही हैं और आगे भी रहेंगी. राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखते हुए रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा, "ऐसे पत्र को सार्वजनिक नहीं कि01या जा सकता. गोपनीय पत्राचार को प्रकाशित करना हमारे सुरक्षा हितों को नहीं साध सकता. ये राष्ट्र हित में नहीं होगा. हमारी सैन्य तैयारियां मज़बूत हैं और मैं इस सदन और देश को बताना चाहता हूं कि ये मज़बूत रहेंगी. हम अपनी सेनाओं को बेहतरीन साज़ो-सामान मुहैया करवाते हैं. सरकार भारत की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर है."

एके एंटनी ने कहा कि भारतीय सेना को दुनिया की बेहतरीन सेना बनाने के लिए सरकार उच्चस्तरीय प्रशिक्षण, उपकरण और हथियार मुहैया करवाती है. सदन में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने कथित चिट्ठी में जाहिर की गई कमियों पर चिंता जाहिर की.

अरुण जेटली ने कहा, "इस चिट्ठी को सार्वजनिक बहस का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. लेकिन मीडिया में हथियारों की खरीद के बारे चिंताजनक खबरें आ रही हैं. ये सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि इसमें कोई गड़बड़ी ना हो. दूसरी चिंता हमारी रक्षा तैयारियों के बारे में है. मीडिया में रक्षा तैयारियों के बारे में आ रही ख़बरें चिंताजनक हैं."

इससे पहले बुधवार सुबह बीजेपी नेता वैंकेय्या नायुडू ने सदन में ये मुद्दा उठाया और सरकार से सफाई मांगी. लेकिन उन्हें टोकते हुए जनता दल यूनाइटेड के नेता शिवानंद तिवारी ने बीच में बोलते हुए जनरल वीके सिंह को बर्ख़ास्त करने की मांग कर डाली.

शिवानंद तिवारी ने कहा, “उनको पद से हटाया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर उन्होंने मीडिया में लीक किया. ये बहुत ही घोर अनुशासनहीनता का मामला है. मैं मांग करता हूं कि जनरल साहब को उनके पद से बर्ख़ास्त किया जाए.”

उधर समाचार एजेंसी पीटीआई से ख़बर आ रही है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एके एंटनी और पी चिंदबरम के साथ इस मामले पर बैठक की है.

गौरतलब है कि मंगलवार को सेनाध्यक्ष को घूस की पेशकश के एक मामले में रक्षामंत्री को सदन में सफाई देनी पड़ी थी.एके एंटनी ने कहा था कि सेना प्रमुख ने घूस की पेशकश की बात तो उन्हें साल भर पहले बताई थी लेकिन इसकी लिखित शिकायत देने से इंकार कर दिया था और इस वजह से अब तक इस मामले की जांच करवाई गई थी. इससे पहले जनरल वीके सिंह अपनी जन्म तिथि को लेकर भी काफ़ी विवादों में रहे थे.


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