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हाफिज़ सईद पर इनाम मुसलमानों पर हमला है

हाफिज़ सईद पर इनाम, मुसलमानों पर हमला है

इस्लामाबाद. 4 अप्रैल 2012. बीबीसी

हाफिज़ सईद


 

पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन जमात उद दावा ने अमरीका की ओर से वरिष्ठ चरमपंथी नेता हाफिज़ सईद पर रखे गए इनाम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और उसे इस्लाम और मुसलमानों पर एक और हमला बताया है.

जमात उद दावा के प्रवक्ता यहया मुजाहिद ने बीबीसी से बातचीत करते हुए कहा, “हाफिज़ सईद और अब्दुल रहमान मक्की पाकिस्तान के राष्ट्रीय और धार्मिक नेता हैं और गुफा में छिपे हुए नहीं हैं. अकसर पाकिस्तान में उनके कार्यक्रम होते रहते हैं, जिसमें लाखों लोग भाग लेते हैं.”

उन्होंने कहा, “मैं नहीं समझता कि इस तरह की शख्सियत के लिए इस तरह के अभद्र बयान दिए जाएँ. यह एक अस्वीकार्य कदम है और यह इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ अमरीका का एक और हमला है.”

ग़ौरतलब है कि अमरीकी सरकार के ‘रिवॉर्ड फॉर जस्टिस’ कार्यक्रम की वेबसाइट के अनुसार हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी या उनकी गिरफ्तारी में मदद देने पर एक करोड़ डॉलर का इनाम दिया जाएगा.

वेबसाइट में कहा गया है कि हाफिज़ सईद जमात उद दावा के प्रमुख और लश्कर-ए-तैय्यबा के संस्थापक हैं और उन पर वर्ष 2008 में हुए मुंबई हमलों सहित कई चरमपंथी कार्रवाईयों में लिप्त होने का आरोप है.

मुंबई हमलों पर बात करते हुए यहया मुजाहिद ने कहा कि जब मुंबई पर हमले हुए थे तो उस घटना के तुरंत बाद हाफिज़ सईद ने एक पत्रकार वार्ता में इसका खंडन किया था और कहा था कि हमलों से उनका कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा, “हमलों के बाद हाफिज़ सईद को गिफ्तार किया गया था और उनकी नजरबंदी के दौरान लाहौर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में भी मुंबई घटना पर बात हुई थी. लेकिन अदालत ने हाफिज़ सईद को रिहा करने का आदेश दिया था.”

उनके मुताबिक अमरीका को पाकिस्तानी न्यायपालिका का सम्मान करना चाहिए और ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे करोड़ो मुसलमानों को ठेस पहुंचे और अमरीका के खिलाफ और नफरत पैदा हो.

अमरीका के इस फैसले को भारतीय सरकार की ओर से स्वागत किए जाने पर उन्होंने कहा कि भारत के दुषप्रचार के कारण ही अमरीका ने ऐसा कदम उठाया है और हाफिज़ सईद की गिरफ्तारी पर इनाम रखा है.


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