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2जी स्पैक्ट्रम मामले में फिर से याचिका

2जी स्पैक्ट्रम मामले में फिर से याचिका

नई दिल्ली. 5 अप्रैल 2012

सुप्रीम कोर्ट


2-जी स्पैक्ट्रम मामले में अपने फैसले पर केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है. इस याचिका पर इस महीने की 13 तारीख को सुनवाई होगी. इसी मामले में पूर्व दूरसंचार मंत्री ए राजा और सात दूरसंचार कंपनियों की पुनर्विचार याचिका को अदालत ने स्वीकार करने से मना कर दिया है.

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2 फरवरी को अपने फैसले में पहले आओ पहले पाओ की नीति को असंवैधानिक ठहराते हुये कहा था कि शिकायत दाखिल करने से पहले लोकसेवकों पर मुकदमा चलाने को मंजूरी दी जा सकती है.

इधर सुप्रीम कोर्ट ने सात कंपनियों वीडियोकॉन टेलिकॉम्यूनिकेशंस लिमिटेड, एस-टेल लिमिटेड, सिस्टेमा श्याम टेलिसर्विसेज लिमिटेड, टाटा टेलिसर्विसेज लिमिटेड, यूनिटेक वायरलेस तमिलनाडु प्राइवेट लिमि़टेड, इतिसलात डीबी टेल्कॉम प्राइवेट लिमिटेड और आइडिया सेल्यूलर लिमिटेड की याचिका खारिज करते हुये साफ कहा कि हमने सभी पुनर्विचार याचिकाओं पर सावधानी पूर्वक विचार किया. हम इस पर आश्वस्त हैं कि फैसले में कोई गलती नहीं हुई है, इसलिए इस पर फिर से विचार नहीं होगा.

राजा के मामले में जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस केएस राधाकृष्णन ने कहा कि ए राजा की ये चिंता वाजिब नहीं पाई गई कि 2-जी लाइसेंसों को रद्द करने के बाद ट्रायल कोर्ट में उनके मामले पर पूर्वाग्रह हो सकता है. अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुये कहा कि अब याचिकाकर्ता फिर से सुनवाई की मांग नहीं कर सकते और इस तरह ये पुनर्विचार याचिकाएँ खारिज की जाती हैं.


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