पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >अमरीका Print | Share This  

विक्टर बूट को जेल में सड़ायेगा अमरीका

विक्टर बूट को जेल में सड़ायेगा अमरीका

वाशिंगटन. 6 अप्रैल 2012 बीबीसी

विक्टर बूट


मौत के सौदागर के नाम से कुख्यात हथियारों के सौदागर विक्टर बूट को अमरीका की एक अदालत ने 25 वर्ष कैद की सज़ा सुनाई है. अंतिम सुनवाई के दौरान जब अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाए कि विक्टर बूट ने अमरीकियों को मारने के लिए हथियार बेचे, तो उन्होंने चीख कर कहा- ये झूठ है.

पूर्व सोवियत अधिकारी, 45 वर्षीय विक्टर बूट को गत नवंबर में कोलंबियाई विद्रोही गुट को बड़े हथियार बेचने की कोशिशों का दोषी ठहराया गया था. उन्हें वर्ष 2008 में बैंकॉक में गिरफ़्तार किया गया था जब एक स्टिंग ऑपरेशन में कुछ अमरीकी, कोलंबियाई विद्रोही बनकर उनसे मिले थे.

विक्टर बूट के जीवन के आधार पर हॉलीवुड में 2005 में एक फ़िल्म बन चुकी है. 'लॉर्ड ऑफ़ वॉर' नाम की इस फ़िल्म में विक्टर बूट की भूमिका निकोलस केज ने निभाई थी.

गिरफ़्तार किए जाने के बाद विक्टर बूट को दो वर्ष तक थाईलैंड में ही क़ैद में रखा गया और इसके बाद उन्हें अमरीका प्रत्यार्पित कर दिया गया, जहाँ उन पर मुक़दमा चला. शाकाहारी विक्टर बूट छह भाषाएँ बोलते हैं. फैसला आने के बाद उन्होंने अपने वकील को गले लगाया और अदालत से जाते हुए अपनी पत्नी को देखकर हाथ हिलाया. इससे पहले उन्होंने एक रूसी अनुवादक के ज़रिए न्यायाधीश से कहा कि उनका 'उद्देश्य किसी को मारना कभी नहीं रहा' और 'इस सच को भगवान जानता है'.

हालांकि उन्होंने नवंबर में ही दोषी ठहरा दिया गया था लेकिन सज़ा सुनाया जाना दो बार स्थगित किया गया क्योंकि उनके वकील ने अमरीकी सरकार पर एक रूसी नागरिक को फँसाने के लिए 'घृणित व्यवहार' का आरोप लगाते हुए और समय की मांग की थी.

न्यायाधीश शिरा शेंडलीन ने कहा कि अमरीकी अधिकारियों ने जो स्टिंग ऑपरेशन किया था, उसके आधार पर विक्टर बूट को 25 वर्ष की सज़ा देना उचित है. बूट को इसके अलावा 1.5 करोड़ डॉलर का जुर्माना अदा करने को भी कहा गया है. लेकिन अपने फैसले में उन्होंने कहा, "हालांकि ऐसा मानने की कोई वजह नहीं है कि स्टिंग ऑपरेशन में उन्होंने जो कहा, वो अपराध उन्होंने कभी वास्तव में भी किया."

अभियोजन पक्ष का कहना है कि बैंकॉक के एक होटल में कोलंबियन विद्रोही बनकर पहुँचे अमरीकी अधिकारियों से विक्टर बूट ने ज़मीन से हवा में मार करने वाले 100 अत्याधुनिक मिसाइलें और पाँच हज़ार एके-47 राइफ़लें बेचने का वादा किया था.

हालांकि बचाव पक्ष का कहना था कि विक्टर बूट ने सिर्फ़ 50 लाख डॉलर में दो पुराने मालवाहक विमान बेचने की कोशिश की थी. वैसे विक्टर बूट को ये सज़ा थाईलैंड में हथियारों बेचने की इन कोशिशों के लिए ही सुनाई गई है, लेकिन अमरीकी अधिकारियों का आरोप है कि बूट ने अफ़्रीका, दक्षिण अमरीका और मध्यपूर्व में तानाशाहों और छापामारों को भी हथियार बेचे.

कहा जाता है कि बूट ने 1990 के दशक में अफ़्रीका में हथियारों की आपूर्ति शुरु की थी. अंतिम फैसले से पहले अभियोजन पक्ष ने अदालत से कहा, "वैसे तो विक्टर बूट अपने को एक व्यावसायी से अधिक कुछ नहीं मानते, लेकिन वे सबसे ख़तरनाक क़िस्म के व्यावसायी हैं." अमरीकी वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2004 में विक्टर बूट के साथ किसी भी तरह के व्यवसाय पर रोक लगा दी थी क्योंकि उन पर ये 'अपुष्ट आरोप' थे कि उन्होंने तालिबान को भी हथियारों की आपूर्ति की.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in