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अब पांच रूपए में हीमोग्लोबिन जांच

अब पांच रूपए में हीमोग्लोबिन जांच

नई दिल्ली. 8 अप्रैल 2012

मिशकिन इंग्वले


अब हीमोग्लोबिन की जांच पलक झपकते हो सकती है और इसके लिये कोई इंजेक्शन भी नहीं लगाना पड़ेगा. मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से स्नातक मिशकिन इंग्वले ने बैटरी से चलने वाले टच एचबी का निर्माण किया है, जिससे केवल पांच रुपये की लागत में हीमोग्लोबिन की जांच की जा सकती है.

बीबीसी के अनुसार मिशकिन इंग्वले द्वारा बनाई गई इस तकनीक से जरिए मरीज के शरीर में बिना कोई चीरा या सुई लगाकर हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है. यंत्र का नाम टच-एचबी रखा गया है जो मरीज की उंगली के परीक्षण से ही जानकारी जुटा लेता है. ये यंत्र सिर्फ एक मिनट में एनिमिया का पता लगा सकता है और इसका परीक्षण दक्षिण भारत के चिकित्सालयों मे किया जा रहा है. उम्मीद की जा रही है कि साल के अंत तक ये बाजार में भी उपलब्ध हो जाएगा. माना जा रहा है कि टच-एचबी की कीमत दो सौ से तीन सौ रूपे के बीच रखी जा सकती है और रक्त जांच के लिए मरीजों से सिर्फ पांच रूपए लिए जाएंगे.

मिशकिन इंग्वले को पहली बार इस समस्या के बारे में अपने दोस्तो से पता चला, जो भारत के ग्रामीण इलाकों में युवा डॉक्टरों के तौर पर काम करते है. बीबीसी से बात करते हुये मिशकिन ने कहा कि गर्भवती महिलाओं की मौत के हर में से एक मामले के पीछे एनीमिया है. मुझे इस समस्या के बारे में नहीं पता था लेकिन मेरे दोस्त मैदान पर इससे जूझ रहे थे.

मिशकिन की इस खोज को लेकर पाथ स्वास्थ्य संस्था में अधिकारी नोआह पेरिन ने बीबीसी को बताया कि हमने जब पहली बार इसे देखा तब ये सिर्फ लंच बॉक्स में रखे कुछ तारों जैसा दिखता था. पाथ संस्था स्वास्थ्य के क्षेत्र में नई तकनीक को सम्मिलित करने पर काम करती है और उसे पिछले बीस सालों से ऐसे ही किसी यंत्र की जरूरत थी. नया यंत्र दिखने में पहले के मुकाबले बेहतर है जो कि बैटरी से चलता है और बिना सुई लगाए हीमोग्लोबिन की जांच कर सकता है.

मिशकिन इंग्वले ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को हर तीन महीने में हीमोग्लोबिन टेस्ट कराने की सलाह दी जाती है. ये उन महिलाओं के लिए तकलीफ की बात हो सकती है जिनके घर से स्वास्थ्य केन्द्र दूर है. इस यंत्र के इजाद के बाद मरीज के निवास पर ही हीमोग्लोबिन जांच की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी, और जरूरत पड़ने पर इलाज भी सही समय पर शुरू हो सकेगा.


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