पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >पाकिस्तान Print | Share This  

सियासत और जियारत कर लौटे जरदारी

सियासत और जियारत कर लौटे जरदारी

नई दिल्ली. 9 अप्रैल 2012

आसिफ अली जरदारी


भारत दौरे पर आये पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने रविवार को दिल्ली में सियासत का काम निपटाया और अजमेर में सूफी संत ख़्वाजा गरीबनवाज मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर जियारत की. अपने बेटे बिलावल के साथ पहुंचे आसिफ अली जरदारी ने पहले भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की.

आसिफ अली जरदारी ने इस मुलाकात को लेकर कहा कि भारत और पाकिस्तान एक दूसरे के पड़ोसी हैं. हमलोग भारत के साथ अच्छे संबंध चाहते हैं. हमलोगों ने उन सभी मुद्दों पर बातचीत की जिनपर बातचीत की जा सकती थी.

दूसरी ओर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों को प्रभावित करने वाले सभी द्विपक्षीय मुद्दों पर राष्ट्रपति जरदारी के साथ दोस्ताना माहौल में बहुत ही रचनात्मक बातचीत हुई. इस मुलाकात से मैं बहुत संतुष्ट हूं.

हालांकि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई, इस पर दोनों ने कुछ भी नहीं कहा. इस मौके पर आसिफ अली ज़रदारी ने मनमोहन सिंह को पाकिस्तान आने की दावत दी और उम्मीद जताई कि जल्द ही दोनों नेताओं की पाकिस्तान की धरती पर मुलाकात होगी. इस पर मनमोहन सिंह ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान जाकर बड़ी खुशी होगी और जल्द ही ऐसी तारीख तय की जाएगी जो दोनों पक्षों को स्वीकार हो.

इसके बाद आसिफ अली जरदारी अपने बेटे बिलावल के साथ अजमेर स्थित सूफी संत ख़्वाजा गरीबनवाज मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी ओर से चादर चढ़ाई. पाकिस्तान के राष्ट्रपति के ओर से दरगाह के लिए लगभग 5 करोड़ दान देने की घोषणा की गई.लगभग आधे घंटे तक अजमेर में रुकने के बाद जरदारी और बिलावल की रावलपिंडी वापसी हो गई.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in