पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >झारखंड Print | Share This  

निर्मल बाबा से नाराज हैं उनके जीजा

निर्मल बाबा से नाराज हैं उनके जीजा

डालटनगंज. 10 अप्रैल 2012

निर्मल बाबा


पिछले दो सालों से टीवी चैनलों पर समागम करके करोड़ों रुपये कमाने और दुनिया का दुख-दर्द दूर करने वाले निर्मल बाबा से उनके जीजा और झारखंड के कद्दावर नेता इंदर सिंह नामधारी बेहद नाराज हैं. निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में लोकसभा पहुंचे नामधारी झारखंड के दो बार विधानसभा अध्यक्ष भी रह चुके हैं. नामधारी मूलतः इंजीनियर रहे हैं और किसी ज़माने में भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष. बाद में संपूर्ण क्रांति दल बनाया. नामधारी डालटनगंज शहर से कई बार विधायक रहे और इन दिनों निर्दलीय सांसद हैं.

झारखंड के डालटनगंज शहर में बरसो तक तरह-तरह का कार्य-व्यापार करने वाले निर्मल बाबा को जानने वाले बताते हैं कि निर्मल बाबा जब तक इस शहर में थे, तब तक तो उनकी कुल जमा पहचान सरदार इंदर सिंह नामधारी के सगे साले के रुप में ही थी. इस दौरान नावाटोली-नई मुहल्ला के चौराहे से पशु औसधालय की ओर जाने वाली सड़क में श्री नामधारी के साथ ही निर्मल बाबा रहते थे. अपनी बहन मलविंदर कौर के घर रह रहे तब के निर्मल नरुला को इंदर सिंह नामधारी ने अपना काम-धाम फैलाने में हरसंभव मदद की. लेकिन निर्मल नरुला की किस्मत ने बहुत साथ नहीं दिया.

डालटनगंज शहर में जानने वाले बताते हैं कि इंदर सिंह नामधारी ने शुरु में अपने साले निर्मल नरुला को एक खदान भी आवंटित करवाया था. पलामू संभाग के भवनाथपुर, रजहरा और बरवाडीह जैसे इलाके खदानों के लिहाज से काफी समृद्ध माने जाते हैं. कोयला से लेकर लाइम स्टोन तक की खदाने हैं. इंदर सिंह नामधारी स्वीकार करते हैं कि उन्होंने अपने साले को एक खदान आवंटित करवाई थी लेकिन यह खदान निर्मल नरुला की किस्मत नहीं बदल सकी.

बाद में अपने जीजा इंदर सिंह नामधारी की मदद से निर्मल नरुला ने तत्कालीन मध्य-प्रदेश के सीमावर्ती पलामू जिले के गढ़वा अनुमंडल में कपड़े की एक दुकान खोली. हालांकि आज गढ़वा एक ज़िले के रुप में ख्यात है लेकिन तब एक छोटे से कस्बे में निर्मल नरुला की दुकानदारी नहीं चल पाई.

निर्मल नरुला के साथ चाय-पानी पीने वाले बताते हैं कि इसके बाद डालटनगंज शहर में निर्मल नरुला कम ही दिखाई पड़ते थे. लेकिन पिछले दो सालों में निर्मल बाबा बनकर उभरे निर्मल नरुला से डालटनगंज शहर के लोग चकित हैं. सरदार इंदर सिंह नामधारी कहते हैं कि जब निर्मल ने बाबा बन कर लोगों के दुख-दर्द दूर करने का धंधा शुरु किया तो उन्होंने इसके लिये काफी मना किया. लेकिन निर्मल ने उनकी एक नहीं सुनी. इंदर सिंह का कहना है कि अपने साले का निर्मल बाबा बन जाना उन्हें दुखी करता है क्योंकि हमारे सिख धर्म में भी इस तरह के कार्यों को सम्मानित नजरों से नहीं देखा गया है.

डालटनगंज शहर की बेलवाटिका इलाके में रहने वाले अजयप्रकाश का कहना है कि निर्मल नरुला ने 80 के दशक में ही अपने सारे काम-धंधे में घाटा खाने के बाद इस बात की घोषणा कर दी थी कि उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान की प्राप्ति हो गयी है. इसके बाद अब जो कुछ है, वह निर्मल बाबा का शीर्ष है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Sanjeev Kumar Singh [sanjeevkumar@gmail.com] Daltonganj - 2012-04-10 07:09:39

 
  निर्मल बाबा अगर पहले व्यापारी थे और बाद में संत हो गये तो इसमें गलत क्या है ?  
   
 

श्‍याम बिहारी श्‍यामल [shyambiharishyamal1965@hotmail.com] सी. 27 / 156, जगतगंज, वाराणसी, उत्‍तर प्रदेश - 2012-04-10 01:13:39

 
  ...चौंकाने से अधिक दु:खी करने वाली बात यह कि गोरखधंधे के इस खेल में निर्मल के अतीत-संदर्भ में मेरी जन्‍मभूमि यानि पलामू का नाम जुड़ रहा है। साथ ही संतोष यह कि इन्‍दर जी ने समाज और सच्‍चाई के व्‍यापक हित के आगे पारिवारिक रिश्‍ते को नकारकर उन्‍मुक्‍त और उदार टिप्‍पणी कर एक अनुकरणीय उदाहरण सामने रखा है।  
   
सभी प्रतिक्रियाएँ पढ़ें

इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in