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भंवरी कांड में गहलोत भी फंसे

भंवरी कांड में गहलोत भी फंसे

जोधपुर. 10 अप्रैल 2012

भंवरी देवी


लोकगायिका और नर्स भंवरी देवी की हत्या के मामले में राजस्थान के मुख्यमंत्री घिरते नजर आ रहे हैं. उन पर दोषियों की जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक अदालत में उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है. शिकायतकर्ता सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा कुक्कर हैं. उन्होंने सीबीआई मामले के विशेष मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में मुख्यमंत्री के खिलाफ शिकायत की.

कृष्णा कुक्कर के वकील ए.के. जैन का कहना है कि कृष्णा कुक्कर ने शिकायत में इस बात का दावा किया है कि अपहरण के पहले भंवरी गहलोत के पास गई थी और उसने पूरी बात उन्हें बताई थी. इसके बाद भी मुख्यमंत्री गहलोत ने मंत्री मदेरणा और विधायक के खिलाफ समय पर कार्रवाई नहीं की, जिसके कारण भंवरी की हत्या हो गई. यदि उसी समय कार्रवाई होती तो भंवरी की जान बच सकती थी.

गौरतलब है कि लोक कलाकार और नर्स भंवरी देवी कांड में लूणी के विधायक मलखान सिंह विश्नोई को गिरफ्तार किया गया था. मलखान सिंह विश्नोई के भाई परसराम विश्नोई पहले से ही जेल में हैं. इसके अलावा पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा भी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. इसके बाद सहीराम को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. लेकिन सीबीआई इस मामले में कोई खास सबूत इकट्ठा नहीं कर पाई.

जैसा कि ज्ञात है, भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता थी. भंवरी देवी ने अपनी कार जल संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.

इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया. बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई. इसी तरह भंवरी के पति अमरचंद को गिरफ्तार किया गया था. मलखान सिंह विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद सहीराम बिश्नोई ही वह शख्श था, जिसपर सीबीआई की नजरे लगी हुई थी लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही थी. बाद में सहीराम की गिरफ्तारी के बाद भी सीबीआई को भंवरी का पता नहीं चल पाया.

भंवरी मामले में काफी दिनों से इस बात की चर्चा थी कि जानकारी होने के बाद भी मंत्री और विधायक के खिलाफ मुख्यमंत्री गहलोत की चुप्पी का असर उनकी छवि पर पड़ सकता है. सोमवार को सामाजिक कार्यकर्ता कृष्णा कुक्कर की शिकायत के आधार पर सीबीआई मामले के कोर्ट ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कर ली.अदालत ने कृष्णा कुक्कर की शिकायत पर सुनवाई की अगली तारीख 16 अप्रैल तय की है.