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सव्यसाची की पत्नी मिली पंडा रिहा

सव्यसाची की पत्नी मिली पंडा रिहा

भुवनेश्वर. 11 अप्रैल 2012 वासुदेव महापात्रा

शुभश्री दास मिली पंडा


ओडीशा में रायगड़ा की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा माओवादी नेता सव्यसाची पंडा की पत्नी शुभश्री दास ऊर्फ मिली पंडा को बरी किये जाने के बाद एक बार फिर इतालवी पर्यटक की रिहाई की संभावना बढ़ गई है. स्वयसांची पंडा की पत्नी को बाइज्जत बरी करने के फैसले को सरकार की ओर से किया जा रहा प्रयास के रुप में देखा जा रहा है. इस कदम से नक्सल संगठन को विश्वास मिल सकेगा कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीर है.

इसके पहले सोमवार की शाम ओडिशा पुलिस एसोसिएशन और ओडिशा कांस्टेबल, हवलदार और सिपाही महासंघ ने चेतावनी दी थी कि चेंदा भूषणम उर्फ घासी जैसे कट्टर माओवादियों को रिहा करने के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करने के साथ ही वे नक्सली क्षेत्र में ड्यूटी से हट जाएंगे.

घासी कम से कम 55 सुरक्षाकर्मी की हत्या के मामले में आरोपी है. घासी को ओडि़शा पुलिस ने 4 अप्रैल 2011 को सिमिलीगुडा से गिरफ्तार किया था.

पुलिस की इस धमकी के बाद भी ओडिशा सरकार की ओर से नक्सलियों को सुझाव दिया गया कि उन्होंने जिन कैदियों की शीघ्र रिहाई की मांग की है, उनके लिए जमानत याचिका दायर करें. सरकार हर संभव सहयोग
करेगी.

ओपीए के अध्यक्ष स्वरमल शर्मा ने कहा, हम कट्टर माओवादियों को छोड़ने के किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेंगे. यदि आवश्यक हुआ तो हम उनकी रिहाई रोकने के लिए सघन आंदोलन भी छेड़ेगे. शर्मा ने कहा कि यदि स्थिति ऐसी पैदा हुई तो पुलिसकर्मी माओवादी विरोधी अभियान से हटने के लिए बाध्य हो जाएंगे और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ड्यूटी का बहिष्कार करेंगे.

ऐसी ही चेतावनी भेजते हुए ओडिशा कांस्टेबल, हवलदार एवं सिपाही महासंघ ने कहा कि यदि कट्टर माओवादी छोड़े जाते हैं तो पुलिसकर्मी माओवादी विरोधी अभियान का बहिष्कार करेंगे.

पुलिस संगठन की यह चेतावनी ऐसे समय में आयी है, जब विधायक झीना हिकाका और इतालवी नागरिक पाओलो बोसुस्को के अपहर्ताओं ने नई मांगें रख दी हैं. अपहर्ताओं ने विधायक को छोडऩे के बदले 30 कैदियों को रिहा करने की मांग की है.

इधर गृहसचिव यू एन बेहरा ने कहा- हम आशा करते हैं कि अपहर्ता दोनों बंधकों को शीघ्र ही बिना कोई नुकसान पहुंचाए और बेहतर स्थिति में रिहा कर देंगे. बोसुस्को के अपहर्ताओं द्वारा सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि वह कितने माओवादियों को छोड़ेगी, उन्होंने कहा कि ऐसा जान पड़ता है कि सरकार के प्रतिनिधियों और माओवादी मध्यस्थों के बीच हुए समझौते के बयान की सामग्री माओवादी ओडिशा राज्य संगठन समिति के सचिव सव्यसाची पांडा तक नहीं पहुंची है.

उन्होंने कहा कि माओवादियों के नामित मध्यस्थों- बीडी शर्मा और दंडपाणि मोहंती से कहा गया है कि संयुक्त बयान की एक प्रति पांडा को भेजे ताकि उसका जो भी भ्रम हो दूर हो और पाओलो बोसुस्को को रिहा किया जाए. संबंधित दोनों माओवादी समूहों द्वारा तय समय सीमा मंगलवार को समाप्त हो गई है.


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