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नक्सलियों ने इतालवी बंधक को छोड़ा

नक्सलियों ने इतालवी बंधक को छोड़ा

भुवनेश्वर. 12 अप्रैल 2012

बोसुस्को पाओलो


ओडिशा में माओवादियों ने इटली के दूसरे नागरिक बोसुस्को पाओलो को भी रिहा कर दिया है. हालांकि बीजद विधायक झिना हिकाका अभी माओवादियों के कब्जे में हैं. हिकाका की रिहाई को लेकर संशय बरकरार है. बातचीत में मध्यस्थ दंडपाणि मोहंती ने भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत में कहा कि बुधवार रात को ही वे कंधमाल के जंगलों में माओवादियों के अड्डे पर पंहुचे और उनके नेता सब्यासाची पांडा से बात की.

मोहंती का कहना था कि सब्यसाची पंडा ने इस बात पर आपत्ति जताई कि हमने जिन लोगों को छोड़ने की मांग की थी, सरकार ने उन्हें जमानत याचिका दायर करने के लिए कहा है. पंडा का कहना था कि ये गलत है.

दंडपाणि मोहंती का कहना था कि सब्यसाची पंडा की मांग थी कि उनके लोगों के खिलाफ मुकदमे हटाए जाए. मोहंती ने दावा किया कि उन्होंने बड़ी मुश्किल से उन्हें पाआलो बासुस्को की रिहाई की बात करते हुये आश्वस्त किया कि वे पंडा की बात सरकार तक पहुंचाएंगे.

गौरतलब है कि माओवादियों ने 14 मार्च को दो इतालवी नागरिकों को बंधक बना लिया था. माओवादियों ने पहले ही इतालवी नागरिक क्लाउदियो कोलनक्वेलो को रिहा कर दिया था.

इधर राज्य पुलिस ने धमकी दी है कि यदि बीजद विधायक झिना हिकाका की रिहाई के लिए हुई डील के तहत कट्टर माओवादियों को छोड़ा गया तो वे नक्सल विरोध अभियानों का बहिष्कार करेंगे. जहां हिकाका के अपहर्ताओं ने रिहाई की एवज में 30 कैदियों को छोडऩे की मांग की है.

ओडिशा के गृह सचिव यूएन बेहरा ने कहा कि विधायक की रिहाई के लिए सरकार 15 चासी मुलिया आदिवासी संघ सदस्यों सहित 23 लोगों को छोडऩे को तैयार है. चूंकि इनकी जेल से रिहाई में कानूनी प्रक्रिया शामिल है, ऐसे में हिरासत में लिए गए लोगों को जमानत आवेदन देना होगा. बेहरा ने माओवादियों की ओर से नियुक्त मध्यस्थों के साथ बातचीत में राज्य सरकार के तीन सदस्यीय दल का नेतृत्व किया था.


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