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पीएम के लिये मोदी संघ की पहली पसंद

पीएम के लिये मोदी संघ की पहली पसंद

नई दिल्ली. 16 अप्रैल 2012

नरेंद्र मोदी


भारत के प्रधानमंत्री पद के लिये नरेंद्र मोदी आरएसएस की पहली पसंद हैं. गुजरात के दंगों के लिये दुनियाभर में बदनाम हो चुके नरेंद्र मोदी को लेकर संघ का कहना है कि देश को नरेंद्र मोदी का इंतजार है. उन्हें इस पद के लिये अब और अग्नि परीक्षा देने की जरुरत नहीं है. हालांकि भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने साफ किया है कि नरेंद्र मोदी को अभी विधानसभा चुनाव लड़ना है और पार्टी 2014 में पीएम पद के उम्मीदवार के बारे में तय करेगी. अभी से नरेंद्र मोदी को पीएम का उम्मीदवार बताना उचित नहीं है.

आरएसएस के मुखपत्र पांचजन्य के संपादकीय में नरेंद्र मोदी की तारीफ में कहा गया है कि गुजरात दंगों के मामले में विशेष जांच दल की ओर से नरेन्द्र मोदी को ‘क्लीन चिट’ मिलने के बाद अब उन्हें और अग्नि परीक्षा देने की जरूरत नहीं है और देश गुजरात से बाहर उनकी राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रहा है.

संघ की राय को और स्पष्ट करते हुये संपादकीय में कहा गया है कि गुजरात दंगों के दौरान अहमदाबाद की गुलबर्ग सोसायटी में 69 लोगों के जिंदा जलाए जाने की घटना के बारे में उच्चतम न्यायालय की ओर से गठित विशेष जांच दल की रिपोर्ट में मोदी सहित 62 लोगों को क्लीन चिट दिया जाना उन मोदी विरोधियों के मुंह पर तमाचा है, जो गत दस साल से मनगढ़ंत और झूठे आरोप लगाकर गुजरात दंगों को लेकर मोदी की राक्षसी छवि बनाने में लगे हैं.

संपादकीय में नरेंद्र मोदी के आलोचकों को लेकर टिप्पणी की गई है कि संप्रग अध्यक्ष की ओर से कभी मोदी को ‘मौत का सौदागर’ कहा जाना आज कांग्रेस को ही मुंह चिढ़ा रहा है, जब एक सर्वेक्षण में देश के प्रधानमंत्री पद के लिए मोदी को 24 प्रतिशत लोगों ने और कांग्रेस के ‘तारणहार’ माने जाने वाले ‘युवराज’ राहुल गांधी को महज 17 प्रतिशत लोगों ने ही पसंद किया. यहां तक कि अमरीका की टाइम पत्रिका भी मोदी को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है, जो राहुल के मुकाबले बहुत मजबूत दावेदार हैं. अब देश की जनता गुजरात के बाहर मोदी की राष्ट्रीय भूमिका की प्रतीक्षा कर रही है.

आरएसएस के इस संपादकीय में कहा गया है कि टाइम पत्रिका में मोदी के काम काज पर आवरण कथा प्रकाशित किया जाना और उन्हें दुनिया की प्रमुख एवं प्रभावी हस्तियों में गिना जाना उन पर जबर्दस्ती थोपी गई उनकी ‘मुस्लिम विरोधी खलनायक’ की छवि का करारा जवाब है. मोदी विरोधी अलग-थलग पड़ गए हैं, उनकी विश्वसनीयता खत्म हो गई है और गुजरात पूरी तरह इस हिन्दुत्वनिष्ठ, समाजसेवी व कुशल प्रशासक राजनेता के साथ खड़ा है.

इस संपादकीय में कहा गया है कि प्रधानमंत्री पद के लिए राहुल के मुकाबले मोदी के पक्ष में देश की जनता के होने की सचाई के सामने तो कांग्रेस की शह पर जुटी पूरी सेकुलर जमात का मोदी विरोधी दुष्प्रचार का षड्यंत्र ध्वस्त होता दिखाई पड़ रहा है. जिन मोदी के नाम पर मुस्लिमों को बरगलाकर उनके वोट बटोरने की जुगत में ये तत्व जुटे रहते थे, आज वही मोदी अपनी हिन्दुत्वनिष्ठ दृढ़ता व लोकहितकारी प्रशासनिक कौशल के कारण कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती के रूप में खड़े हैं, जिनके सामने कांग्रेसी नेतृत्व बेहद बौना दिखता है. देश की जनता और अधिसंख्य मुस्लिमों के बीच भी मोदी की लोकप्रियता का स्तर निरंतर बढ़ रहा है.


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