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पहले अंडा नहीं, पहले मुर्गी

पहले अंडा नहीं, पहले मुर्गी

कोलंबो. 19 अप्रैल 2012

मुर्गी


पहले मुर्गी या पहले अंडा जैसे सवाल अब पुराने हो गये हैं. श्रीलंका के रंजीत एकानायके से अगर आप यह सवाल पूछें तो उनका जवाब होगा- पहले मुर्गी. असल में पिछले दिनों उनके घर जो कुछ हुआ, उसके बाद तो आप भी इस सवाल का जवाब देने से पहले सोचेंगे.

श्रीलंका के पहाड़ी इलाके वेलीमाड़ा के रंजीत एकानायके के घर कुल जमा छह मुर्गियां थीं. जिनमें से 5 मुर्गियों ने तो अंडा दिया लेकिन छठी मुर्गी ने अंडा नहीं दिया. बात आई-गई हो गयी. लेकिन 21 दिन बाद मुर्गी ने अंडा के बजाये एक चूजे को जन्म दिया.

डाक्टर दौड़े लेकिन चूजे को जन्म देने वाली मुर्गी की मौत हो गई थी. पोस्टमॉर्टम के बाद पता चला कि मुर्गी पेट के जख्म के कारण मर गई. पशु चिकित्सकों का कहना है कि किसी कारण से मुर्गी के प्रजनन तंत्र में एक अंडा बाहर आने के बजाये वहीं फंसा रह गया और 21 दिनों के बाद उसमें से सीधा चूजा बाहर आ गया. वेलीमाड़ा के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पीआर यापा का कहना है कि फिलहाल हम लोग गंभीरता से इस पूरे मामले का अध्ययन कर रहे हैं.


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