पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

सिंघवी को कांग्रेस से नहीं निकाला तो...

सिंघवी को कांग्रेस से नहीं निकाला तो...

नई दिल्ली. 20 अप्रैल 2012

अभिषेक मनु सिंघवी


कांग्रेस प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सोशल नेटवर्किंग साइट और यू ट्यूब पर उनके कथित सेक्स सीडी को हटाये जाने के बाद इसे दूसरी साइटों पर लोड करने वाले ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी लोड की हुई अभिषेक मनु सिंघवी की कथित सेक्स फिल्म क्लिप हटाई गई तो वह इससे भी कहीं अधिक गंभीर और एक्सपोज करने वाले वीडियो क्लिप लोड करेगा. सिंघवी की कथित फिल्म लोड करने वाले का कहना है कि सिंघवी को एक सप्ताह के भीतर कांग्रेस से अगर नहीं निकाला गया तो वह पी चिदंबरम के कथित सेक्स क्लिप भी लोड करेगा.

यूट्यूब पर राज्यसभा सांसद और कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का कथित सेक्स वीडियो अपलोड किया था. इस वीडियो को इंटरनेट पर वायरल करने के लिए फेसबुक पर सिंघवी वीडियो के नाम से एक पेज भी बनाया गया है. इस पेज पर इस वीडियो को पोस्ट किया गया. लेकिन कुछ देर बाद ही यूट्यूब से यह वीडियो हटा दिया गया. उसे दोबारा पोस्ट किया गया. लेकिन एक बार फिर यूट्यूब से उसे हटा दिया गया. तब फेसबुक पर ही इसे एक पेज पर पोस्ट किया गया और सिंघवी वीडियो नाम के पेज पर शेयर किया गया. वीडियो पोस्ट करने वाले व्यक्ति ने बेहद गंभीर चेतावनी दी. उसने कहा कि जितनी बार भी यह वीडियो डिलीट किया जाएगा उतनी बार ही वह अन्य वेबसाइटों के जरिए इसे पोस्ट करेगा. वीडियो पोस्ट करने वाले ने चेतावनी देते हुए यह भी कहा कि यदि इस बार यह वीडियो हटाया गया तो वो केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम का वीडियो अपलोड कर देगा.

गौरतलब है कि विवादित सीडी के अस्तित्व की बात सामने आते ही कांग्रेस ने अपने प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी को ड्यूटी रोस्टर से हटा दिया है. दूसरी तरफ उनके पूर्व ड्राइवर ने स्वीकार किया है कि उन्होंने ही सिंघवी से बदला लेने के लिए वीडियो क्लीपिंग बांटी है. टेप में सिंघवी को कथित रूप से आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया है.

सिंघवी कांग्रेस पार्टी की कानून एवं न्याय समिति के अध्यक्ष भी हैं. वीडियो की बात पता चलते ही सिंघवी ने वीडियो के प्रसारण को रोकने के लिए अदालत की शरण ले ली. जहां अदालत ने वीडियो के प्रसारण पर रोक के निर्देश जारी किये हैं.

पहले ही कई विवादों से जूझ रही कांग्रेस सिंघवी को लेकर नई मुसीबत में फंसना नहीं चाहती. सिंघवी को पार्टी के कामों से अलग करने का यह पहला फैसला नहीं है. इससे पहले भी उनको एक बार ड्यूटी रोस्टर से हटा दिया गया था. एक लाटरी प्रमोटर के खिलाफ सिंघवी द्वारा अदालत में पैरवी करने का केरल के काँग्रेसियों ने विरोध किया था. उनका आरोप था कि सिंघवी के फैसले से राज्य में चुनाव के पहले पार्टी की छवि को नुकसान पहुंच रहा है.

सिंघवी का आरोप है कि यह सीडी तैयार करने के बाद मुकेश कुमार लाल उन्हें ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा है. दिल्ली हाईकोर्ट में दिए गए जवाब में लाल ने कहा है कि उसने दरभंगा (बिहार) की एक दुकान में इसकी चार सीडी तैयार करवाई थी, जिसमें से दो वह पत्रकारों को दे चुका है. उसने कहा कि वह सिंघवी परिवार से बदला लेना चाहता था. एक दिन सिंघवी के कुत्ते ने उसकी पत्नी को काट दिया था. ड्राइवर को लगता है कि कुत्ते के काटने की वजह से ही उसकी पत्नी ने विकलांग बच्चे को जन्म दिया. वेतन को लेकर भी उसकी नाराजगी थी. उसे लगता था कि इतना ज्यादा पैसा होने के बावजूद सिंघवी परिवार उसे बहुत कम वेतन दे रहा है. सिंघवी ने अदालत में याचिका दायर कर इस सीडी के किसी भी तरह के इस्तेमाल से लाल, आज तक, हेडलाइन टुडे और इंडिया टुडे ग्रुप को रोकने की अपील की थी.

सिंघवी ने अदालत को बताया है कि लाल ने गत 17 मार्च को बिना पूर्व सूचना के काम छोड़ दिया. उसके बाद 22 से लेकर 24 तक लगातार तीन दिन उसके एसएमएस सिंघवी को मिले, जिसमें धमकी भरे अंदाज में संदेश दिया गया था. 24 मार्च को जब सिंघवी ने लाल से बातचीत की, तो उसने ब्लैकमेल करने की कोशिश की. लाल ने उनको धमकाया था कि अगर उसे पैसा नहीं मिला तो वह सिंघवी के बारे में और ज्यादा अफवाहें फैलाएगा. सिंघवी की तरफ से पुलिस थाने में भी रिपोर्ट दर्ज करवा दी गई है.