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कलेक्टर के बदले 8 नक्सलियों की रिहाई की मांग

कलेक्टर के बदले 8 नक्सलियों की रिहाई की मांग

रायपुर. 22 अप्रैल 2012

अलेक्स पॉल मेनन

 

छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के लिये नक्सलियों ने अपने आठ साथियों की रिहाई की मांग की है. इसके अलावा ओडीशा की तर्ज पर नक्सलियों ने कहा है कि सरकार ऑपरेशन ग्रीन हंट बंद करे और दंतेवाड़ा व राजधानी रायपुर की जेल में बंद निर्दोष लोगों को भी रिहा करे. नक्सलियों ने जिन आठ लोगों की रिहाई की मांग की है, उनकी एक लिस्ट भी मीडिया को सौंपी है. नक्सलियों ने इसके लिये 25 अप्रैल की समय सीमा भी तय की है

गौरतलब है कि शनिवार शाम करीब साढ़े 4 बजे छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के केरलापाल के मांझीपारा में ग्राम सुराज शिविर लगा था. बताया गया कि पहले से कुछ नक्सली ग्रामीण वेशभूषा में वहां मौजूद थे. कलेक्टर शिविर में बैठे हुए थे तभी एक ग्रामीण वहां पहुंचा और मांझीपारा में किसी काम दिखाने की बात उन्हें कही. जिस पर कलेक्टर अपनी स्कार्पियों में बैठने ही वाले थे कि नक्सलियों ने उन्हें घेर लिया. इसके बाद कलेक्टर के दोनों अंगरक्षकों को नक्सलियों ने वहीं मार गिराया. बाद में नक्सलियों ने स्कार्पियो में सवार कलेक्टर की पहचान की और उन्हें अपने साथ लेकर चले गये.

इधर नक्सलियों ने इस बीच एक बयान जारी कर राज्य सरकार से मांग की है कि वह राज्य में चलाये जा रहे ऑपरेशन ग्रीन हंट को बंद करे. नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को तत्काल प्रभाव से बैरकों में लौटाने की भी मांग की है. इसके अलावा कोंटा ब्लॉक में हुये कांग्रेस नेता के हमले के आरोपियों से भी मुकदमा वापस लेने की शर्त रखी है.

रविवार की शाम जारी अपने बयान में नक्सली नेता विजय ने अपने साथी मरकाम गोपन्ना उर्फ सत्यम रेड्डी, निर्मल अक्का उर्फ विजय लक्ष्मी, देवपाल चंद्रशेखर रेड्डी, शांतिप्रिय रेड्डी, मीना चौधरी, कोरसा सन्नी, मरकाम सन्नी और असित कुमार सेन की रिहाई की भी मांग की है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

awdhesh [awdhshvimal@gmail.co] bilaspur - 2012-04-23 16:53:31

 
  नक्सलियों के द्वारा अपनी मांगो को मनवाने का ये गलत तरीका है. 
   
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