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नक्सल वार्ता के लिये सरकार ने सुझाए नाम

नक्सल वार्ता के लिये सरकार ने सुझाए नाम

रायपुर. 24 अप्रैल 2012 छत्तीसगढ़

अलेक्स पॉल मेनन


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने नक्सलियों द्वारा सुकमा कलेक्टर की रिहाई के लिए रखी गई मांगों पर चर्चा के लिए शासन की ओर से अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा का नाम दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बातचीत शुरू हो रही है तो नक्सलियों को इसके लिए समय सीमा नहीं रखनी चाहिए.

ग्राम सुराज अभियान पर रवाना होने से पूर्व हेलीपैड पर संवाददाताओं से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलियों ने चर्चा के लिए जो तीन नाम दिए हैं वे स्वागत योग्य है. हालांकि इनमें से एक-दो लोगों ने इससे इंकार किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन ने अपनी ओर से दो नाम तय किए हैं. इनमें अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच और छग के पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा शामिल हैं. उन्होंने कहा कि दोनों काफी वरिष्ठ, अनुभवी और निष्पक्ष हैं. उन्होंने बताया कि दोनों ने बातचीत के लिए अपनी सहमति दे दी है. मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नक्सलियों द्वारा दी गई समय सीमा कल 25 अप्रैल को खत्म हो रही है. उन्होंने कहा कि जब बातचीत हो रही है तो नक्सलियों को इसके लिए समय सीमा नहीं रखनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने बताया कि माकपा नेता मनीष कुंजाम अपहृत कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन के लिए अस्थमा की दवाई लेकर जाने के लिए तैयार हो गए हैं. इस बारे में उन्होंने उनसे बात की थी. वे हेलीकॉप्टर से वहां जाएंगे. उल्लेखनीय है कि नक्सलियों ने कल चर्चा के लिए तीन नाम सुझाते हुए यह भी कहा था कि मध्यस्थ करने वाले अपने साथ श्री मेनन के लिए दवाई भी लेते आए. उनकी पत्नी आशा पाल मेनन पहले ही यह बता चुकी हैं कि उनके पास सिर्फ एक दिन की ही दवाई थी. नक्सलियों ने स्वयं बताया है कि श्री मेनन की वहां तबियत बिगड़ गई है.

इधर प्रशासनिक सूत्रों ने बताया कि शासन ने चर्चा के लिए जो नाम सुझाए हैं, उनमें श्रीमती निर्मला बुच राज्यसभा की भी सदस्य रह चुकी हैं और वर्तमान में सामाजिक कार्यों में व्यस्त हैं. वे अविभाजित मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्य सचिव रही हैं इसलिए उन्हें नक्सल समस्या के अलावा बाकी चीजों की भी पूरी जानकारी है. इसी तरह पूर्व मुख्य सचिव सुयोग्य कुमार मिश्रा को भी प्रदेश और कानून की पूरी जानकारी है.

इधर छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व मुख्य सचिव एसके मिश्रा ने कहा है कि नक्सलियों की मांगों पर चर्चा की जाएगी और कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन की सकुशल वापसी हो, यह पहली कोशिश होगी. श्री मिश्रा ने नक्सलियों से बातचीत के लिए मध्यस्थता करने पर अपनी रजामंदी दे दी है. उन्होंने कहा कि नक्सलियों के साथ बातचीत कब और कहां होगी, यह अभी तय नहीं हुआ है. जैसे ही इसकी सूचना मिलेगी वे बातचीत के लिए जाएंगे. वे नक्सलियों की मांगों की सूची लेकर इस पर चर्चा करेंगे. उधर, सरकार की तरफ से एक अन्य मध्यस्थ मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव निर्मला बुच ने भी मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से चर्चा के बाद नक्सलियों से बातचीत के लिए मध्यस्थता करने पर सहमति दे दी है. वे आज-कल में भोपाल से यहां आ सकती हैं.


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