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कलेक्टर की लापरवाही की कीमत जान देकर चुकाई

कलेक्टर की लापरवाही की कीमत जान देकर चुकाई

सुकमा. 26 अप्रैल 2012

कलेक्टर अलेक्स जॉन पॉल


छत्तीसगढ़ में सुकमा के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन के अपहरण और मध्यस्थता के बीच इस बात को लेकर पुलिस विभाग के कर्मचारियों में गहरा आक्रोश है कि कलेक्टर की लापरवाही और अतिउत्साह के कारण पुलिस के दो जवानों किशुन कुजूर और अमजद खान को अपनी जान गांवानी पड़ी. कलेक्टर को जाबांज, बहादूर और जज्बे वाला कहे जाने पर भी पुलिसकर्मियों ने गहरा रोष जताते हुये कहा है कि ऐसी शब्दावली का प्रयोग वही लोग कर रहे हैं, जो प्रशासनिक अमले से सांठ-गांठ कर अपनी ठेकेदारी चला रहे हैं.

गौरतलब है कि सुकमा के कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का नक्सलियों ने उस समय अपहरण कर लिया था, जब वे घोर नक्सलग्रस्त इलाके में अपने दो गार्ड के साथ बैठक कर रहे थे. राज्य के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी कह चुके हैं कि बार-बार की चेतावनी के बाद भी इस तरह दो गार्डों के साथ कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को बैठक के लिये नहीं जाना था. वहां तो रेड अलर्ट जारी किया गया था.

जिले के पुलिस कप्तान ने पखवाड़े भर पहले लिख कर कलेक्टर को इस बात के लिये चेताया था कि बिना पर्याप्त सुरक्षाबल के नक्सलग्रस्त इलाके में नहीं जायें.

मुख्यमंत्री रमन सिंह ने भी ग्राम सुराज से पहले सरकारी अमले को साफ-साफ चेतावनी दी थी कि नक्सलियों के इलाके में जब भी जायें, पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ जायें. लेकिन इन सारी चेतावनियों को दरकिनार करके अतिउत्साही कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन केवल दो गार्डों के साथ दो दिन पहले घोषणा कर के वारदात वाले ग्राम में जा पहुंचे. कलेक्टर के इस अतिउत्साह की कीमत सैकड़ों नक्सलियों के बीच फंसे दोनों पुलिस वालों को अपनी जान गंवा कर चुकानी पड़ी.

राज्य पुलिस एसोसिएशन के एक अधिकारी कहते हैं- “यह इतना संवेदनशील मुद्दा है कि इस पर कुछ भी कहने का गलत अर्थ निकाल लिया जाएगा. यह बहुत बड़ा सच है कि कलेक्टर तो देर-सबेर छूट जाएंगे लेकिन जिन दो जवानों की जान कलेक्टर के कथित जज्बे के कारण गई है, उसकी भारपाई कौन करेगा.”

इस वारदात में मारे गये पुलिस जवान अमजद के एक सहकर्मी का कहना है कि कलेक्टर को अगर इतनी ही बहादुरी दिखानी थी तो वे अकेले ही जाते. उनकी लापरवाही के कारण उनके सुरक्षाकर्मी अमजद की जान गई. अगर पर्याप्त पुलिस बल के साथ कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन बैठक में गये होते तो नक्सली इस तरह की वारदात से पहले पचास बार सोचते लेकिन दो गार्डों के कारण उन्हें यह मौका मिल गया.


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