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कसाब को गोली मार दो-चिदंबरम

कसाब को गोली मार दो-चिदंबरम

नई दिल्ली. 3 मई 2012

अजमल कसाब


26/11 के मुंबई हमले के आरोपी अजमल कसाब को फांसी देने में होने वाले विलंब को लेकर विरोधियों से नाराज भारत के गृहमंत्री आज फट पड़े. लोकसभा में चल रही बहस के दौरान चिदंबरम ने कड़े अंदाज में कहा कि अगर आप कानून की सत्ता से बाहर जा कर बात करते हैं तो कसाब को पकड़ कर गोली मार दीजिए.

गृहमंत्री पी चिदंबरम अपने मंत्रालय की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान शिवसेना के सांसद आनंदराम अड़सूल पर भड़के हुये थे. अड़सूल ने जब आरोप लगाया कि कसाब को फांसी नहीं दी जा रही है तो चिदंबरम भड़क गये. उन्होंने कहा कि बार-बार कसाब की बात कही जा रही है. हमारे पास दो ही व्यवस्थाएं होती हैं, एक कानून के शासन में रहना और दूसरा कानून के शासन से बाहर जाकर काम करना. आप कानून से बाहर की बात करते हैं तो कसाब को पकड़ गोली मार दीजिए.

उन्होंने कहा कि अगर आप कानून के शासन की बात करते हैं तो कानून उसे दोषी करार दे चुका है. हाई कोर्ट ने उसकी सजा को बरकरार रखा है. सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते उसकी अपील पर अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया है और उसकी अपील लंबित है. ऐसे में भला सरकार क्या कर सकती है.

इधर महाराष्ट्र के गृहमंत्री आर. आर. पाटील ने बुधवार को कहा कि आखिर हम कसाब को कब तक पालते रहेंगे? उन्होंने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि मेरे दिमाग में यह सवाल बार-बार उठता है कि 26/11 हमले के एकमात्र जिंदा बचे आतंकवादी अजमल कसाब का सरकार कितने दिन तक देखभाल करेगी?

गृहमंत्री आर आर पाटील ने कहा कि आतंकवाद से जुड़े केसों के लिए अलग कानून होना चाहिए और उसके लिए समय सीमा तय होनी चाहिए. पाटील ने विदेशी आतंकवादियों को खास तौर पर समय सीमा के तहत सजा दिये जाने की बात कही.