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कलेक्टर के बदले अदालत में याचिका

कलेक्टर के बदले अदालत में याचिका

रायपुर. 3 मई 2012 छत्तीसगढ़

एलेक्स पॉल मेनन


सुकमा के कलेक्टर अलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के बदले नक्सलियों ने जेल में बंद जिन नक्सलियों के नाम दिए हैं उनमें से एक मीना चौधरी ने गुरुवार को अदालत में अपनी जमानत के लिए आवेदन लगाया है. उनके वकील ने जमानत के लिए हाईकोर्ट द्वारा पूर्व में कई बार 6 माह के भीतर मामले के निराकरण के लिए दिए गए आदेश को आधार बनाया है.

आवेदन में कहा गया है कि मामले का निराकरण 6 माह के भीतर नहीं हुआ इसलिए जमानत दी जाए. नक्सल मामले में रायपुर केंद्रीय जेल में 4 साल से बंद मीना चौधरी ने अपनी जमानत के लिए दूसरी बार याचिका लगाई है. यह याचिका प्रथम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बी पी वर्मा की अदालत में लगाई गई है.

मूलत: महाराष्ट्र, चंद्रपुर निवासी मीना चौधरी को जनवरी 2008 में महाराष्ट्र मंडल, चौबे कॉलोनी, रायपुर स्थित महिला छात्रावास से गिरफ्तार किया गया था. दीनदयाल उपाध्याय नगर पुलिस ने उसके खिलाफ विशेष जन सुरक्षा कानून के तहत जुर्म दर्ज किया था. उस पर नक्सलियों का शहरी नेटवर्क तैयार करने का आरोप है. आंध्रप्रदेश करीम नगर निवासी मीना चौधरी के जीजा पी रंगईह ने जमानत आवेदन के समर्थन में एक शपथ पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया है. इस प्रकरण की पैरवी के लिए उन्होंने अधिवक्ता सादिक अली को पहले से ही नियुक्त किया है.

न्यायालय में प्रस्तुत जमानत अर्जी में बताया गया है कि मीना चौधरी पिछले चार वर्षों से न्यायिक अभिरक्षा में है. इसकी वजह से उसका स्वास्थ्य निरंतर गिरते जा रहा है. वह आधे घंटे भी खड़े रहनेमें असमर्थ है. उसका तत्काल उपचार कराया जाना आवश्यक है. आवेदन में बताया गया है कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले में 2.7.2009 को दिए गए आदेश में 4 माह में प्रकरण का निराकरण करने कहा था. उसके बाद 18.10.2010 को दिए आदेश में 6 माह की अवधि बढ़ाई गई थी. हाईकोर्ट ने इस संबंध में 2.5.2011 को फिर से निर्देश दिये थे.


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