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छत्तीसगढ़ में न ग्रीनहंट न सलवा जुड़ूम-रमन सिंह

छत्तीसगढ़ में न ग्रीनहंट न सलवा जुड़ूम-रमन सिंह

नई दिल्ली. 4 मई 2012

रमन सिंह


छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में न तो ग्रीनहंट का कोई अस्तित्व है और न ही सलवा जुडूम का. उन्होंने कहा कि विचाराधीन नक्सलियों के मामलों पर विचार के बाद निर्मला बूच की अध्यक्षता में बनी कमेटी अपनी अनुशंसा कोर्ट को सौंपेगी. अनुशंसा के आधार पर इन मामलों पर अदालत ही फैसला करेगी.

प्रधानमंत्री द्वारा बुलाई गई एनसीडीसी की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नक्सल क्षेत्रों में तेजी से विकास करना चाहती है. विकास में लगन लगाकर काम कर रहे कलेक्टर जब गांवों में जाते हैं तो उनका अगवा कर लिया जाता है. दूसरी तरफ कहते हैं कि विकास नहीं हो रहा. मुख्यमंत्री ने सुकमा कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन की रिहाई के लिए दोनों पक्षों में हुई बातचीत को एक अच्छी पहल बताते हुए कहा कि इसमें और आगे बढऩे की जरूरत है. वहां पर शांति के लिए प्रयास जारी रहेगा. सलवा जुडूम और ग्रीनहंट को लेकर हुए कई सवालों के जवाब में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य में न तो ग्रीनहंट का कोई अस्तित्व है और न ही सलवा जुडूम का.

नक्सल क्षेत्रों में स्थायी शांति के लिए केंद्र से चर्चा के सवाल पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और सभी मुख्यमंत्री बैठकर इस पर चर्चा कर सकते हैं. कलेक्टर की रिहाई के लिए चर्चा से पूर्व बस्तर में ऑपरेशन रोके जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां पर ऐसा कोई ऑपरेशन नहीं चल रहा था. उन्होंने कहा कि रोड ओपनिंग के लिए सुरक्षा बल वहां पर निकलते हैं वे वहां ऑपरेशन के लिए नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिए गश्त करते हैं. इसको ग्रीनहंट नहीं कहा जा सकता. समझौते के मुताबिक नक्सलियों की रिहाई के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां पर दो-तीन सौ मामले लंबित हैं. कमेटी एक-एक प्रकरण पर विचार कर अनुशंसा करेगी. उनकी अनुशंसा के आधार पर ही अदालत में विचार होगा और अदालत का जो भी आदेश होगा वह मान्य होगा.

समझौते के बाद सरकार द्वारा नियुक्त मध्यस्थों की भूमिका के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अब उनकी भूमिका समाप्त हो गई है. नक्सल मध्यस्थ बीडी शर्मा द्वारा वार्ता से पहले दिल्ली में दिए गए बयान पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वे प्रेस कान्फ्रेंस में क्या कहते हैं इस पर वे कोई बहस नहीं करना चाहते. हमारे लिए उनकी उपयोगिता थी इसके लिए वे उनको धन्यवाद देते हैं.

सोनी सोरी को लेकर हुए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है उस पर तत्काल बोलने की आवश्यकता नहीं है. नक्सलियों से शांति के लिए बातचीत के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां एक अच्छी शुरूआत हुई है उसमें और आगे बढऩे की जरूरत है अगर वे एक बार ङ्क्षहसा बंद कर देते हैं और सबकी सहमति होती है तो किसी भी चर्चा से उन्हें कोई परहेज नहीं है. निर्मला बूच की अध्यक्षता में बनी कमेटी पर उन्होंने कहा कि यह एक स्थायी समिति है. जो लगातार नक्सल मामलों की समीक्षा करती रहेगी.

कलेक्टर की रिहाई कैसे संभव हो सकी इस सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जो दबाव बना और उससे जो जनमत तैयार हुआ उसके कारण यह संभव हो सका. उन्होंने कहा कि ऐसा जनमत आगे भी बनता रहेगा तो इस समस्या का स्वमेव ही इसका समाधान हो जाएगा.


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