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एनटीसीटी केंद्र-राज्य का झगड़ा नहीं-मनमोहन

एनटीसीटी केंद्र-राज्य का झगड़ा नहीं-मनमोहन

नई दिल्ली. 5 मई 2012

मनमोहन सिंह

 

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह कहा है कि राष्ट्रीय आतंकवाद निरोधक केन्द्र यानी एनटीसीटी किसी भी तरह से केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा नहीं है. उन्होंने इस बात की मंशा जताई कि केंद्र के साथ-साथ राज्यों की भी इस मुद्दे पर भागीदारी हो.

एनटीसीटी पर मुख्यमंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुये मनमोहन सिंह ने कहा कि इस मुद्दे के महत्व और कुछ मुख्यमंत्रियों द्वारा जाहिर चिंता के परिप्रेक्ष्य में हमने खास तौर पर सिर्फ इसी विषय पर बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान में राज्यों और संघ को प्रदत्त शक्तियों के वितरण को किसी भी प्रकार प्रभावित करना हमारी सरकार की मंशा नही है. एनसीटीसी की स्थापना राज्य और केन्द्र के आमने-सामने होने का मुद्दा नहीं है. एनसीटीसी की स्थापना के पीछे प्रमुख उद्देश्य इस विशाल देश में आतंकवाद निरोधक गतिविधियों में समन्वय स्थापित करना है, जैसा खुफिया ब्यूरो अब तक करता आया है. एनटीसीटी आतंकवाद पर काबू पाने और आतंकी गतिविधियों को दूर करने के हमारे साझा उद्देश्यों के संयुक्त प्रयासों का संचालक होना चाहिए.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आतंकवाद आज हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित बड़े खतरों में से एक है. राष्ट्रीय और राज्य दोनों ही स्तरों पर सशक्त तंत्र के साथ प्रभावी आतंकवाद निरोधक पद्धति को स्थापित करने के संदर्भ में कोई असहमति नहीं हो सकती. केन्द्र और राज्य अकेले इस कार्य को पूरा नहीं कर सकते. इसलिए सीमा पार और भीतर से प्राप्त होने वाले खतरों से निपटने के लिए करीबी सहयोग और समन्वय आवश्यक है.

श्री सिंह ने कहा कि विश्व और हमारे देश के सभी राज्यों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर एक संयुक्त राष्ट्रीय दृष्टिकोण को रुप और आकार देना केन्द्र की जिम्मेदारी है और अपनी सीमाओं को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकारों को अपनी विशेषज्ञता, ज्ञान और तंत्र का इस्तेमाल करना चाहिए तथा केन्द्र और अन्य राज्यों के साथ समन्वय में कार्य करना चाहिए.

मुंबई हमलों का उल्लेख करते मनमोहन सिंह ने कहा कि 26/11 के बाद से हमने राज्यों और केन्द्र दोनों में अपनी आतंक निरोधी क्षमताओं को बेहद कर्मठता के साथ मजबूत किया है. सीमा पार आतंकवाद, जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर और धर्म आधारित आतंकवाद समेत विविध आयामी भारत में आतंकवाद के खतरे का सामना करने के लिए अपनाई जाने वाली रणनीति और उपायों पर मोटे तौर पर सहमति है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनसीटीसी प्रणाली प्रत्येक राज्य एजेंसी को आतंकी खतरे की बडी तस्वीर प्रदान करेगा जिससे उनकी आतंकवाद निरोधक क्षमताओं को बढ़ाने और आतंकी खतरे से निपटने में संसाधनों को सुगम बनाने में वृद्धि होगी. लेकिन एनसीटीसी के निर्बाध और प्रभावी क्रियान्वयन के लिए यह बहुत ज़रुरी है कि इसकी शक्तियों और कार्यों पर विस्तृत आम राय हो.


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