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मीडिया में महिलाएं केवल 2.70 प्रतिशत

मीडिया में महिलाएं केवल 2.70 प्रतिशत

नई दिल्ली. 7 मई 2012

मीडिया महिलाएं

 

भारतीय मीडिया में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की स्थिति जानने के लिए मीडिया स्टडीज ग्रुप द्वारा किये गये एक देशव्यापी सर्वे में चौंकाने वाले आंकड़े आये हैं. मीडिया में लैंगिक असमानता को दिखाने वाला सर्वे बताता है कि मीडिया में महिलाओं का देशव्यापी औसत प्रतिनिधित्व मात्र 2.7 प्रतिशत है. इसमें 6 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां जिला स्तर पर महिला पत्रकारों का औसत शून्य है. जबकि आंध्र प्रदेश में जिला स्तर पर कार्यरत महिला पत्रकार और संपादकों की संख्या सबसे अधिक (107) है और यह सूची में सबसे उपर है. इस सर्वे को शोध जर्नल ‘जन मीडिया’ ( हिन्दी) और ‘मास मीडिया’( अंग्रेजी) ने अपने मई अंक में प्रकाशित किया है.

मीडिया स्टडीज ग्रुप के अध्यक्ष अनिल चमड़िया के अनुसार मीडिया के जरिये देश और समाज के दी जाने वाली सामग्री मीडिया की सामाजिक बुनावट से प्रभावित होती है. मीडिया में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने के लिए मीडिया संस्थानों को सक्रिय पहल करनी चाहिए. भारतीय मीडिया का तेजी से विस्तार हुआ है. इसी परिप्रेक्ष्य में सर्वे का उद्देश्य जिला स्तर पर मान्यता प्राप्त महिला पत्रकार, संवाददाता और संपादक की हिस्सेदारी का आकलन करना है.

सर्वे के लिए सूचना का स्रोत सूचना का अधिकार अधिनियम -2005 को बनाया गया. मीडिया स्टडीज ग्रुप ने पूरे भारत के 600 से अधिक जिलों से सूचना के अधिकार के तहत जिला स्तर पर कार्यरत पत्रकारों के बारे में जानकारी हासिल की. जिन जिलों से केन्द्रीय लोक सूचना अधिकारी से जानकारी नहीं मिली, वहां अपील दायर करने और सूचनाएं जुटाने में एक साल से ज्यादा का समय लगा.

इस सर्वे में 28 प्रदेशों और केंद्र शासित राज्यों के 255 जिलों से मिली सूचनाएं शामिल की गई हैं. सर्वे में शामिल जिले पूरे भारत के करीब 40 प्रतिशत का प्रतिनिधित्व करते हैं. मीडिया स्टडीज ग्रुप को भारत के 255 जिलों से 14,278 मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सामाजिक पृष्ठभूमि के बारे में सूचनाएं मिली हैं. यह जिले स्तर पर संवाददाताओं की सामाजिक पृष्ठभूमि पर आधारित सर्वे की पहली कड़ी है. सर्वे को मीडिया स्टडीज ग्रुप के लिए पत्रकार और शोधकर्ता अवनीश, ऋषि कुमार सिंह, पूर्णिमा उरांव, विजय प्रताप, अरुण उरांव, वरुण गोंड और आजाद अंसारी ने तैयार किया है.

सर्वे के आंकड़ों के अनुसार 6 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में जिला स्तर पर कार्यरत महिला पत्रकारों, संवाददाताओं और संपादकों का प्रतिशत शून्य है. इन राज्यों में आसाम, झारखंड, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, ओडीसा और मणिपुर शामिल है. केंद्र शासित प्रदेशों में पुडुचेरी और दमन एवं दीव शामिल हैं. इन प्रदेशों से प्राप्त सूचना के अनुसार जिला स्तर पर यहां कोई मान्यता प्राप्त महिला पत्रकार नहीं है. संवाददाताओँ और संपादकों के बारे में ये सूचना मणिपुर के चार, अरुणाचल प्रदेश के छह, ओडीसा के दो, आसाम के दस, नागालैंड के तीन, झांरखंड के 6 तथा दमन एंव दीव और पुडुचेरी के एक-एक जिलों से मिली जानकारी पर आधारित है.

सर्वाधिक महिला मान्यता प्राप्त संवाददाताओं व संपादकों वाले राज्य में उत्तर पूर्व के सिक्किम और मेघालय राज्य है. लेकिन यह पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की औसतन हिस्सेदारी प्रतिशत के आधार पर है. इन राज्यों में जिला स्तर पर कार्यरत मान्यता प्राप्त महिलाओं का प्रतिशत 16.66 है. इनमें सिक्किम के दो जिलों और मेघालय के तीन जिलों से जानकारी प्राप्त हुई है, जिनमें दोनों ही राज्यों में कुल 6-6 पत्रकारों में एक-एक पत्रकार महिला है. जिला स्तर पर कार्यरत महिला संवाददाताओं व संपादकों की हिस्सेदारी बिहार में 9.56 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ में 9.38 प्रतिशत हैं. इनमें बिहार के बाइस और छत्तीसगढ़ के आठ जिलों से मिली जानकारी को शामिल किया गया है.

बिहार में कुल 251 संवाददाताओं और संपादकों में 24 महिलाएं है और छत्तीसगढ़ में कुल 32 पत्रकारों में 3 महिलाएं हैं. इस सर्वे में 16 जिलों से प्राप्त जानकारी को शामिल नहीं किया गया क्योंकि इन जिलों से मिली सूचना में मान्यता प्राप्त महिला और पुरूष संवाददाताओं के बारे में अलग अलग जानकारी नहीं थी. इस तरह से इन 16 जिलों के 2099 पत्रकारों, संवाददाताओँ और संपादकों को अलग कर दिया गया है. इस सर्वे में राज्य स्तर से राज्यों के मुख्यालयों में मान्यता प्राप्त संवाददाताओं व संपादकों की संख्या भी शामिल नहीं है. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में कार्यरत और देश की राजधानी में केन्द्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त पत्रकारों की सूचनाएं शामिल नहीं है.

आंध्र प्रदेश में कुल मान्यता प्राप्त संवाददाताओं व संपादकों की संख्या 9392 है. इनमें 7761 मान्यता प्राप्त संवाददाताओं और संपादकों के बारे में सूचनाएं हैं. इनमें 107 महिलाएं है. आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में कुल मान्यता प्राप्त संवाददाताओं की संख्या 967 है. उनमें केवल एक महिला है. चित्तूर में कुल मान्यता प्राप्त संवादादाताओं की संख्या 1146 है और उनमें 29 महिलाएं है. कडप्पा में कुल मान्यता प्राप्त 1041 संवाददाताओं में 4 महिलाएं है. करीम नगर में 1035 कुल मान्यता प्राप्त संवाददाताओं में मात्र आठ महिलाएं है. गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश में देश के सर्वाधिक मान्यता प्राप्त संवाददाता व संपादक है.

सर्वे के आंकड़ों के अनुसार लोकप्रिय मीडिया में जिला स्तर पर काम करने वाली महिला संवाददाताओं की संख्या मुख्यधारा से बाहर के मीडिया के मान्यता प्राप्त प्रतिनिधियों की तुलना में बेहद कम है. सर्वे में शामिल जिलों से मिली सूचनाओं के अनुसार अधिकतर लोकप्रिय व मुख्यधारा का दर्जा प्राप्त मीडिया संस्थानों में भी जिला स्तर पर कार्यरत महिला पत्रकारों की संख्या नहीं के बराबर है. इस संदर्भ में सार्वजनिक क्षेत्र के मीडिया संस्थान प्रसार भारती के आल इंडिया रेडियो की स्थिति सबमें बेहतर है. प्राप्त सूचनाओं में जिला स्तर पर उसके मान्यता प्राप्त महिला संवाददाताओं की संख्या छह पाई गई हैं.

प्रथम दस राष्ट्रीय और भाषाई दैनिक अखबारों में मान्यता प्राप्त महिला पत्रकारों की संख्या आंकड़ों पर नजर डालें तो अधिकतम मान्यता प्राप्त महिला पत्रकार स्थानीय या क्षेत्रीय स्तर के अखबारों या मीडिया संस्थानों से जुड़ी हैं. आंकड़ों के अनुसार देशभर में दो महिला पत्रकारों को स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर मान्यता है. इसमें से एक स्वतंत्र फोटोग्राफर हैं.


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