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गैंग्स ऑफ वासेपुर में मुसहरों का संगीत

गैंग्स ऑफ वासेपुर में मुसहरों का संगीत

मुजफ्फरपुर. 13 मई 2012

गैंग्स ऑफ वासेपुर


गैंग्स ऑफ वासेपुर के सहारे बिहार की अत्यंत पिछड़ी मुसहर जाति का गीत-संगीत इस बार फ्रांस के कान फेस्टिवल में भी सुनाई पड़ेगा. अनुराग कश्यप की इस फिल्म को कान फेस्टिवल के लिये नामांकित किया गया है, जिसमें मुसहर समुदाय का गीत शामिल है.

कोयला खदान में काम करने वाले लोगों के जीवन पर आधारित गैंग्स ऑफ वासेपुर में अनुराग बसु ने कटरा प्रखंड के सुंदरपुर टोले के मुसहरों के सामुहिक गीत-संगीत को सुंदर तरीके से परदे पर उकेरा है. इस गीत-संगीत की रिकार्डिंग गो, ओये लक्की लक्की ओये, लव सेक्स और धोखा, भेजा फ्राई जैसी फिल्मों की संगीतकार स्नेहा खानवलकर ने मुजफ्फरपुर में आ कर की थी. यह गीत-संगीत फिल्म में कई बार इस्तेमाल किया गया है.

हालांकि फिल्म में भोजपुरी के सुपर स्टार गायक और अभिनेता मनोज तिवारी का गाया हुआ गीत जीय हो बिहार के लाला भी अभी से लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है. लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि दलित समुदाय के मुसहरों का गीत भी लोगों को पसंद आएगा.


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