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मदरसों की शिक्षा को सीबीएसई के समकक्ष दर्जा

मदरसों की शिक्षा को सीबीएसई के समकक्ष दर्जा

नई दिल्ली. 20 जनवरी


केंद्र सरकार ने देश में शिक्षा का स्तर सुधारने हेतु मदरसों में दी जाने वाली शिक्षा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) और भारतीय स्कूली शिक्षा बोर्ड की परिषद (सीओबीएसई) के बराबर दर्जा दिए जाने संबंधी सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है.

केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री श्री अर्जुन सिंह ने आज राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के वार्षिक सम्मेलन में घोषणा की कि मदरसों की शिक्षा का स्तर सुधारने हेतु सरकार केंद्रीय मदरसा बोर्ड का गठन करेगी. जिसके लिए संसद के अगले सत्र में विधेयक पेश किया जाएगा.

उन्होंने बताया कि मानव संसाधन मंत्रालय ने देश में शिक्षा का स्तर सुधारने हेतु कई निर्णय लेने का फैसला किया है और मदरसों की शिक्षा को सीबीएसई और सीओबीएसई के बराबर का दर्जा दिया जाना उसी दिशा में बढ़ाया गया कदम है. उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से मदरसों से पढ़ रहे छात्रों के लिए भी सरकारी नौकरियों का रास्ता खुल जाएगा.

गौरतलब है कि मदरसों की शिक्षा को सीबीएसई के समक्षक दर्जा दिया जाना सच्चर कमेटी की प्रमुख सिफारिश थी. साथ ये यह प्रधानमंत्री की अल्पसंख्यकों के लिए बनाई गई 15 सूत्रीय योजना का हिस्सा भी थी.

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इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

sarvodit shukla (sarvodit.shukla@gmail.com) dehradun

 
 ऐसे ही लोग अपने देश के कर्णधार बने हुए हैं जो अपने स्वार्थ के लिए देश को रसताल तक पहुँचाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे. अल्पसंख्यक अपने बच्चों को नार्मन शिक्षा देने में क्यों गुरेज़ करते हैं. असल में वो संकीर्ण विचारों को पोषित करना चाहते हैं. और अर्जुन सिंह जैसे लोगों के लिए आदमी आदमी नहीं वोट है.  
   

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