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बांग्लादेश में हुमायूं की किताब पर प्रतिबंध

बांग्लादेश में हुमायूं की किताब पर प्रतिबंध

ढाका. 16 मई 2012

हुमायूं अहमद

 

बांग्लादेश में बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान और उनके परिवार की हत्या को केंद्र में रख कर लिखे गये हुमायूं अहमद के एक उपन्यास ‘देयाल’ यानी दीवार पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दिया है. इस राजनीतिक उपन्यास पर पहले भी आरोप लगे थे. इसके कुछ अंश पत्र-पत्रिकाओं में छपे हैं और उपन्यास अभी प्रकाशित नहीं हुआ है. अदालत ने कहा कि उपन्यासकार ने जानबूझ कर ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़ मरोड़ कर पेश किया है.

बांग्लादेश की जस्टिस एएचएम शम्सुद्दीन चौधरी और जहांगीर होसैन की पीठ ने खुद ही अखबारों में छपे उपन्यास अंश को आधार बना कर संज्ञान लिया और सरकार विशेष तौर पर शिक्षा और सूचना मंत्रालय को कहा है कि वह लेखक हुमायूं अहमद को इस बात का निर्देश दे कि वे तथ्यों को ऐतिहासिक तौर पर ठीक करें. ऐसा नहीं किये जाने की स्थिति में किताब को प्रकाशित करने की इजाजत नहीं दी जाए.

बांग्लादेश के अटार्नी जनरल महबूबे आलम ने कहा कि हुमायूं के उपन्यास ‘देयाल’ को लेकर अदालत ने साफ कहा है कि जब तक उसमें शामिल तथ्यों को सुधार नहीं लिया जाता, तब तक उस पर सरकार का प्रतिबंध जारी रहेगा. हम नहीं चाहते कि इस उपन्यास से किसी गलत तथ्य को बढ़ावा मिले.