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मायावती 55 करोड़ रुपये के खजूर में फंसी

मायावती 55 करोड़ रुपये के खजूर में फंसी

लखनऊ. 19 मई 2012

मायावती


अपने स्मारकों के लिये 50-50 हजार रुपये में खजूर का पेड़ खरीदना उत्तरप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को महंगा पड़ सकता है. खाड़ी देशों से इतनी महंगी कीमत पर खजूर का पेड़ खरीदने वाली मायावती ने इस मामले में चुप्पी साध ली है. कहा जा रहा है कि मायावती ने खजूर के पेड़ खरीदने पर 55 करोड़ रुपये से कहीं अधिक की रकम खर्च कर डाली. लेकिन अब हालत ये है कि इनमें से अधिकांश पेड़ सूख गये हैं. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस तरह की फिजूलखर्ची को लेकर जल्दी ही जांच की बात कही है.

राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में पत्रकारों से बातचीत में आरोप लगाया था कि जियामऊ गाँव में सैकड़ों खजूर के पेड़ सूखे पड़े हुये हैं. ऐसे ही दूसरे पौधों की खरीदी और मूर्तियों में मायावती ने हजारों करोड़ खर्च कर डाले हैं.

आरोप है कि मायावती ने अपने स्मारकों के लिये खजूर के पेड़ मंगवाये थे लेकिन अधिकांश खजूर के पेड़ सूखे हुये थे. थोड़े हरे पेड़ स्मारकों में लगा दिये जाते थे और जैसे ही वह पेड़ सूखने लगता, उसकी जगह नये खजूर के पेड़ लगा दिये जाते थे. इस तरह खजूर के पेड़ों के सूखने का सिलसिला और एक ही जगह पर दर्जन बार खजूर लगाने की कवायद चलती रही. इस तरह इस खजूर लगाने के अभियान में करोड़ो रुपये का वारा-न्यारा किया गया. जनता के पैसे की इस बेशर्म लूट को लेकर अब सपा नेता ने जांच की घोषणा की है.
 


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