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काला धन पर श्वेत पत्र चुप

काला धन पर श्वेत पत्र चुप

नई दिल्ली. 21 मई 2012

प्रणव मुखर्जी


वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी द्वारा लोकसभा में काले धन पर जारी किये गये श्वेत पत्र में इस बात का कहीं उल्लेख नहीं है कि कुल जमा कितना काला धन कहां है. यहां तक कि 97 पन्ने के इस श्वेत पत्र में किसी के नाम का भी उल्लेख नहीं है. काले धन पर इस श्वेत पत्र को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के अध्यक्ष ने अपने 8 सदस्यीय दल के साथ इसे तैयार किया.

सोमवार को लोकसभा में लाये गये इस श्वेत पत्र में वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने अवैध तरीक़े से विदेशों में जमा भारतीय धन की रोकथाम और उन्हें देश में वापस लाने के लिए सरकार के जरिए उठाए गए कदमों और आगे की योजनाओं की जानकारी दी. श्वेत पत्र में बताया गया है कि काले धन के मामले में विश्व में भारत 15वें स्थान पर है. इस सूची के आधार पर पहले नंबर पर चीन है जबकि दूसरे स्थान पर रूस है.

वित्त मंत्री के अनुसार काले धन का आकलन करने के लिए तीन अलग-अलग संस्थाओं को जिम्मेदारी दी है, जिनमें नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ पब्लिक फाइनांस एंड पॉलिसी, नेशनल इंस्टीच्यूट ऑफ फाइनांस एंड मैनेजमेंट और नेशनल काउंसिल फॉर अप्लायड इकॉनॉमिक रिसर्च शामिल है. इन संस्थाओं से इसी साल सितंबर तक रिपोर्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

kuldeep sehdev [] ludhiana - 2012-05-21 14:49:14

 
  So called \'White Paper\' on Black Money tabled by country\'s so called highly Competent (in fact utterly Impotent) FM is a Black Paper having some matter written on it with Black Ink to Black Out the Black Deeds of the Black Sheep (some of them with Ultra White Skin) running this Black marketeers\' Govt. waahhhh..kuchh na samjhe khuda kare koyee....... 
   
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