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कुत्तों को कन्या भ्रूण खिलाता था डाक्टर

कुत्तों को कन्या भ्रूण खिलाता था डाक्टर

मुंबई. 22 मई 2012

डाक्टर सुदाम मुंडे


कन्या भ्रूण हत्या के आरोपी महाराष्ट्र के बीड जिले के परली तहसील के डाक्टर सुदाम मुंडे और उनकी पत्नी डाक्टर सरस्वती मुंडे के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार ने क्राइम ब्रांच से जांच कराने की घोषणा की है. भ्रूण हत्या के मामले में क्लिनिक का लाइसेंस रद्द होने के बाद भी अस्पताल चलाने वाली इस दंपत्ति पर आरोप है कि गर्भपात और भ्रूण हत्या के धंधे में लिप्त यह दंपत्ति कन्या भ्रूण को अपने चार पालतू कुत्तों को खिला दिया करता था. राज्य सरकार के आला अधिकारियों की मिलीभगत से चल रहे इस धंधे में फिलहाल डाक्टर को ही जांच के दायरे में रखा गया है और उनकी गिरफ्तारी की गई है.

डॉक्टर सुदाम मुंडे और उनकी पत्नी सरस्वती मुंडे के खिलाफ जांच में ठोस सुबूत मिलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने कड़ा रुख अपनाया है. महाराष्ट्र में अपनी तरह के इस सनसनीखेज मामले में डाक्टर मुंडे दंपत्ति के खिलाफ पुलिस ने प्री-कन्सेप्शन एंड प्री-नेटाल डायग्नॉस्टिक टेक्नीक्स एक्ट यानी पीसीपीएनडीटी के तहत मामला दर्ज किया है. महाराष्ट्र के बीड में लिंगानुपात पहले से ही कम है. यहां प्रति 1000 लड़कों पर केवल 801 लड़कियां हैं. ऐसे में डाक्टर सुदाम मुंडे का मामला सामने आने के बाद राज्य सरकार सकते में है.

डाक्टर सुदाम मुंडे और उनकी पत्नी डाक्टर सरस्वती मुंडे द्वारा लिंग परिक्षण और गर्भपात करवाने का मामला इलाके में पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ था लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आया, जब मुंडे दंपत्ति की अस्पताल में 28 साल की विजयमाला नामक महिला की उस समय मौत हो गई, जब यह दंपत्ति उसका गर्भपात कर रहे थे. विजयमाला 6 महीने से गर्भवती थी और पहले से 4 लड़कियों के बाद जब उसे इस दंपत्ति ने फिर से लड़की होने की बात कही तो उसने गर्भपात के लिये कहा. इस चक्कर में विजयमाला की मौत हो गई.

मामला खुला तो पता चला कि इस क्लिनिक का लाइसेंस राज्य सरकार पहले ही भ्रूण हत्या का मामला सामने आने के बाद रद्द कर चुकी है. दो साल पहले एक स्वयंसेवी संगठन ‘लेख लड़की अभियान’ द्वारा चलाये गये स्टिंग ऑपरेशन में डाक्टर सुदाम मुंडे ने गर्भपात कराने की बात स्वीकार की थी. राज्य सरकार ने इसके बाद मुंडे अस्पताल की सोनोग्राफी की मशीन सील कर दी थी. बाद में इस दंपत्ति ने स्थानीय अधिकारियों से मिल कर धंधा फिर शुरु कर दिया. पिछले साल जून में डाक्टर सुदाम मुंडे के फार्म हाउस में भ्रूण मिला तो फिर हंगामा मचा लेकिन इन लोगों ने अपने प्रभाव से मामले को दबा दिया.


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