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पेट्रोल में आग 7.50 रुपये की बढ़ोत्तरी

पेट्रोल में आग 7.50 रुपये की बढ़ोत्तरी

नई दिल्ली. 23 मई 2012

पेट्रोल


लगातार बढ़ती महंगाई के बीच तेल कंपनियों ने बुधवार की रात से पेट्रोल की कीमत में 7.50 रुपये प्रति लीटर की बढोत्तरी की घोषणा की है. देश में पहली बार पेट्रोल की कीमत इतनी अधिक बढ़ाये जाने से उपभोक्ताओं में गहरा आक्रोश है. हालांकि पेट्रोल कंपनियों का दावा है कि वे लगातार घाटा उठा रही थीं और इसके अलावा उनके पास कोई चारा नहीं था. फिलहाल डीजल और एलपीजी के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं, लेकिन इनकी कीमतों में कभी भी बढ़ोतरी की आशंका जताई गई है.

माना जा रहा है कि इस बढ़ोत्तरी के बाद रुपये का गिरना रुक जाएगा. बुधवार को रुपया डॉलर के मुकाबले रेकॉर्ड 56 रुपये के पार पहुंच गया। बुधवार को एक वक्त रुपया एक डॉलर के मुकाबले 56.21 रुपये के ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया था, जो अब तक की रुपये की सबसे बड़ी गिरावट है।

सरकार ने तेल कंपनियों के मामले में अपने हाथ खड़े कर लिये हैं. सरकार का कहना है कि तेल कंपनियों को पेट्रोल पर करीब 12 रुपये और डीजल पर 15 रुपये प्रति लीटर का घाटा हो रहा था. 2011-12 में तेल कंपनियों को 1,38,541 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था और सरकार ने 83,500 करोड़ की भरपाई की. उम्मीद जताई जा रही है कि इस बढ़ोत्तरी के बाद तेल कंपनियों का घाटा कम हो जाएगा. इधर पेट्रोल की कीमत बढ़ाए जाने से नाराज विपक्षी दलों ने आंदोलन की धमकी दी है. अलग-अलग राजनीतिक दलों ने इस मुद्दे पर नेताओं की बैठक बुलाई है.


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