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शकील को सजा दी तो अमरीका ने की कटौती

शकील को सजा दी तो अमरीका ने की कटौती

न्यूयार्क. 25 मई 2012

शकील आफरीदी


अमरीकी सेना को एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन का पता बताने वाले डाक्टर शकील अफ़रीदी को 33 साल की सजा सुनाना पाकिस्तान को भारी पड़ गया है. दुनिया के दारोगा अमरीका के सीनेट की एक कमेटी ने पाकिस्तान के इस फैसले से नाराज हो कर उसको दी जाने वाली सहायता राशि में से तीन करोड़ तीस लाख डॉलर कम करने का फैसला सुनाया है. सीनेट की इस कमेटी के सभी 30 सदस्य पाकिस्तान को सहायता राशि रोके जाने के पक्ष में थे.

गौरतलब है कि अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन पहले ही डाक्टर शकील अफ़रीदी को 33 साल की जेल की सजा को लेकर अपनी नाराजगी जता चुकी हैं. हिलेरी ने कहा कि शकील अफरीदी को इतनी सख्त सज़ा दिया जाना अन्यायपूर्ण हैं. एक बदतरीन कातिल को मारने में डॉ आफ़रीदी की मदद बहुत अहम थी और वह पाकिस्तान और अमरीका समेत पूरे विश्व के हित में उठाया गया कदम था.

अब सिनेट द्वारा की गई इस सहायता राशि को कम करने ने अमरीका की नाराजगी को और पुख्ता कर दिया है. रिपब्लिकन पार्टी के सेनेटर लिंडजी ग्रैहम ने कटौती का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि हमें पाकिस्तान की ज़रूरत है, पाकिस्तान को हमारी ज़रूरत है. लेकिन हम यह नहीं चाहते कि पाकिस्तान हमारे साथ दोमुहा रवैय्या अपनाए. यह हमें स्वीकार्य नहीं कि पाकिस्तान मदद तो अमरीका से ले लेकिन हक्कानी नेटवर्क का भी साथ दे, जो अमरीकी फौजियों को मारते हैं. एक और सेनेटर पैट्रिक लीही ने कहा कि पाकिस्तान की अगर दोस्ती ऐसी है तो उसकी दुश्मनी कैसी होगी.