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कवि भगवत रावत नहीं रहे

कवि भगवत रावत नहीं रहे

भोपाल. 25 मई 2012

भगवत रावत


हिंदी के सुप्रसिद्ध कवि भगवत रावत नहीं रहे. शुक्रवार को उन्होंने भोपाल में अंतिम सांस ली. अपनी अलग तरह की कविताओं के लिये नशहूर भगवत रावत के निधन के बाद भोपाल के साहित्यिक और सांस्कृतिक जगत में शोक छा गया है.

टीकमगढ़ के टेहरका गांव में 13 सितंबर 1939 को जन्मे भगवत रावत का संग्रह समुद्र के बारे में 1977 में प्रकाशित हुआ था. इस संग्रह ने ही साहित्य की दुनिया में उन्हें लोकप्रिय कर दिया. इसके बाद दी हुई दुनिया, हुआ किस इस तरह, सुनो हीरामन, सच पूछो तो, बिथा कथा जैसी किताबों को पाठकों ने हाथों-हाथ लिया. उनकी कुछ कविताओं का अनुवाद दुनिया की दूसरी भाषाओं में भी किया गया था.

भगवत रावत को दुष्यंत कुमार पुरस्कार (1979), वागीश्वरी पुरस्कार (1989), मध्यप्रदेश शासन द्वारा साहित्य का शिखर-सम्मान (1997-98) से भी नवाजा गया था.


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