पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

माफ़ी की वह माँग तो भाव-विभोर करने वाली थी

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

भाजपा के मानव बम हैं येदियुरप्पा

भाजपा के मानव बम हैं येदियुरप्पा

मुंबई. 26 मई 2012

बाल ठाकरे


अपने बयानों के लिये विवादों में रहने वाले शिवसेना सुप्रीमो बाल ठाकरे ने कहा है कि कि कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा भाजपा के भीतर एक मानव बम हैं और पार्टी अध्यक्ष नितिन गडकरी के रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछी हुई हैं. बाल ठाकरे ने यह टिप्पणी सामना में लिखे अपने संपादकीय में की है. एक दिन पहले ही भाजपा नेता नितिन गडकरी ने बाल ठाकरे से मुलाकात की थी और दोनों नेताओं के बीच एकांत में बातचीत हुई थी.

बाल ठाकरे ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक से ऐन पहले संजय जोशी के इस्तीफे को लेकर लिखा कि पार्टी में गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रभावशाली कद को स्वीकार किया गया है, जिनकी सहमति गडकरी के दूसरे कार्यकाल के लिए जरूरी है. शिवसेना प्रमुख ने नरेंद्र मोदी की हरकतों को लेकर कुछ आलोचना भी की.

ठाकरे के अनुसार भाजपा प्रमुख के रूप में नितिन गडकरी के दूसरे कार्यकाल के लिए मोदी की सहमति जरूरी है और उसके लिए संजय जोशी को बलि का बकरा बनाया जाना था. भाजपा को मोदी की यह शर्त स्वीकार करनी थी कि अगर वह यह चाहती है कि गुजरात के मुख्यमंत्री बैठक में शामिल हों, तो जोशी को बाहर का रास्ता दिखाना होगा.

शिवसेना नेता ने भाजपा में प्रधानमंत्री पद की दावेदारी के संदर्भ में कहा कि नई पटकथा है और कई नए नायक सामने आ गए हैं. मीडिया कहता है कि आडवाणी के अलावा गडकरी, मोदी, सुषमा स्वराज और अरूण जेटली इस सूची में हैं. हर किसी को अपनी निजी महत्वाकांक्षाओं को दूर रखना चाहिए और अगले लोकसभा चुनाव में जीत के लिए लग जाना चाहिए.
 


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in