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सूचना के अधिकार ने वापस दी नौकरी

सूचना के अधिकार ने वापस दी नौकरी

रांची. 12 फरवरी


झारखण्ड में सूचना के अधिकार को उस समय अत्यधिक बल मिला है जब दो साल से खनिज विकास निगम द्वारा छंटनी का दंश झेल रहे सात दैनिक वेतनभोगी कामगारों को पुनः बहाल कर लिया गया है. मई 2006 से पूर्व बिहार राज्य खनिज विकास निगम लि. के पटना स्थित सम्पर्क कार्यालय से काम कर रहे सात दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी श्री चंदेश्वरी यादव, श्री महातम पंडित, श्री लोरेन हेम्ब्रम, श्री जगदीश प्रसाद सिंह, श्री दीप नारायण पंडित, श्री स्वामीनाथ बिंद एवं श्री पूजन रावत की सेवाएं नहीं ली जा रही थी.

आवेदक श्री सूरज कुमार ने इससे जुड़ी सूचनाएं मांगी और मामला झारखण्ड सूचना आयोग के पास पहुँचा, तो इन सातों कामगारों को पुनः तैनात कर वेतन आरंभ कर दिया गया. वर्तमान में सभी कामगार झारखण्ड राज्य खनिज विकास निगम के तहत राँची, पलामू और बहरागोड़ा में काम कर रहे हैं.निःशुल्क परामर्श सेवाएं देने वाले हस्तक्षेप समूह “जवाब” ने इस मामले को झारखण्ड में नागरिक सशक्तिकरण का आगाज़ बताया है. हालांकि उन्होंने वाद के दौरान आयोग से आवेदक को सशरीर उपस्थिति के सम्मन भेजे जाने की प्रक्रिया से नाराजगी भी जताई है.


जवाब के समन्वयक सौरभ रंजन, अभिषेक कुमार एवं कुमार प्रियतम ने बताया कि इस तरह सम्मन भेजकर आवेदक को बुलाए जाने की जगह उसे अपना प्रतिनिधि भेज पाने या लिखित पक्ष रखने की छूट दी जानी चाहिए अन्यथा भ्रष्ट अधिकारियों की जगह आवेदकों के मन में ही आयोग का खौफ बैठ जाएगा जो सूचना के अधिकार के प्रसार एंव नागरिक सशक्तिकरण के लिए सबसे बड़ी बाधा बन जाएगा. हालांकि जवाब ने एक सुझाव पत्र लिखकर झारखण्ड राज्य सूचना आयोग से उक्त व्यवस्था में सुधार की मांग की है.


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