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सू ची भारत आएंगी

सू ची भारत आएंगी

रंगून. 29 मई 2012

आंग सान सू ची


बर्मा की लोकतंत्र समर्थक नेता और नोबल पुरस्कार से सम्मानित आंग सान सू ची जल्दी ही भारत आएंगी. बर्मा के तीन दिन के दौरे पर पहुंचे भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मंगलवार को आंग सान सू ची को भारत आने का न्यौता दिया.

आंग सान सू ची से मिलने के बाद मनमोहन सिंह ने कहा कि मेरे लिए ये बहुत सम्मान की बात है कि मुझे सुश्री सू ची से मिलने का मौका मिला है. सूची और उनके परिवार के साथ भारत के संबंधों को लेकर भी हम गर्व महसूस करते हैं. मैं उम्मीद करता हूं कि वो समय निकाल कर जल्द ही भारत आएंगी.

मनमोहन सिंह ने कहा कि सू ची के जीवन और उनके संघर्ष और दृढ़ निश्चय से पूरे विश्व में लाखों लोगों को प्रेरणा मिलती है. मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि बर्मा में राष्ट्रपति थेन सेन द्वारा शुरु की गई लोकतंत्र सुधार प्रक्रिया में सू ची महत्वपूर्ण हिस्सा बनेंगी.

इस अवसर पर आंग सान सू ची ने कहा कि उन्हें भारत के प्रधानमंत्री की ओर से जवाहरलाल मेमोरियल लेक्चर के लिए न्योता मिला है. इसे लेकर वे बहुत सम्मानित महसूस कर रही हैं. उन्होंने अपनी स्मृतियों की खिड़की खोलते हुये कहा कि भारत के साथ उनके परिवार के करीबी संबंध रहे हैं और उन्हें जवाहरलाल नेहरू को पंडितजी कहना सिखाया गया था.

आंग सान सू ची ने कहा कि भारत और बर्मा को एक दूसरे से बहुत कुछ सीखने की जरूरत है. साथ ही हम इस क्षेत्र में शांति और स्थाईत्व बनाने में योगदान दे सकते हैं क्योंकि हमारे लोकतांत्रिक उद्देश्य शांति और स्थाईत्व पर ही निर्भर हैं. दोनों देशों के नागरिकों के बीच भी करीबी रिश्ता है.


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