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शकील आफरीदी से लश्कर ने पल्ला झाड़ा

शकील आफरीदी से लश्कर ने पल्ला झाड़ा

इस्लामाबाद. 31 मई 2012 बीबीसी

शकील आफरीदी


पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन लश्करे इस्लाम ने कहा है कि उनका कथित तौर पर ओसामा बिन लादेन को तलाश करने वाले डॉ. शकील आफरीदी से कोई संबंध नहीं है. डॉ. शकील आफरीदी पर आरोप है कि उन्होंने दो मई 2011 के पहले ऐबटाबाद में एक जाली टीकाकरण अभियान चला कर ओसाम बिन लादेन को तलाश करने में अमरीका की मदद की थी.

पाकिस्तानी अधिकारियों ने करीब एक महीने पहले बीबीसी को बताया कि उन्होंने सीआईए की मदद की थी और उन्हें देशद्रोह के मुकदमे में सजा दी गई है. लेकिन पिछले दिनों कबायली इलाके खैबर एजेंसी में स्थानीय प्रशासन के दस्तावेजों से पता चला था कि उन्हें अमरीकी खुफिया एजेंसी सीआईए की मदद करने के आरोप में सजा नहीं हुई है बल्कि प्रतिबंधित चरमपंथी गुट को वित्तीय सहायता देने के लिए दोषी पाए जाने पर सजा हुई है.

दस्तावेजों के मुताबिक डॉ. शकील आफरीदी ने खैबर एजेंसी के प्रतिबंधित संगठन 'लश्करे इस्लाम' के प्रमुख मंगल बाग को 20 लाख रुपय दिए थे और उन्हें चिकित्सा सुविधा भी प्रदान की थी. लश्करे इस्लाम के प्रवक्ता अब्दुल रशीद लश्करी ने स्थानीय पत्रकारों को फोन पर बताया कि डॉ. शकील आफरीदी के साथ उनके संगठन का कोई संबंध नहीं है बल्कि लोगों की शिकायत पर उनको गिरफ्तार किया गया था.

दूसरी ओर डॉ. शकील आफरीदी के वकील समीऊल्लाह ने बताया कि खैबर एजेंसी की प्रशासन के फैसले के खिलाफ वे पेशवार की अदालत में शुक्रवार को अपील दायर करेंगे. माना जाता है कि डॉ. शकील आफरीदी ने दो मई 2011 से करीब एक महीने पहले ऐबटाबाद में एक जाली टीकाकरण अभियान चलाया था और ओसामा बिन लादेन को तलाश करने में अमरीका की मदद की थी.

उस टीकाकरण अभियान के बाद दो मई 2011 को अमरीकी सैनिकों ने ऐबटाबादा में गुप्त कार्रवाई कर ओसामा बिन लादेन को मार दिया था. उसके बाद पाकिस्तानी अधिकारियों ने डॉ. शकील आफरीदी को हिरासत में लिया था. अब तक माना जाता रहा है कि सीआईए की सहायता के आरोप में ही उन पर मुकदमा चलाया गया और सजा सुनाई गई.


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