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कोयला घोटाले के बाद अब होगी नीलामी

कोयला घोटाले के बाद अब होगी नीलामी

रायपुर. 1 जून 2012 छत्तीसगढ़

कोयला


कोल ब्लॉक आवंटन मामले में सीबीआई की जांच शुरु होने की खबरों के बीच कोयला खदानों के आबंटन में गड़बड़ी के आरोपों से घिरे कोयला मंत्रालय ने देश भर के 54 कोल ब्लॉकों का आबंटन अब नीलामी से करने का निर्णय लिया है. इन कोल ब्लॉकों में 9 छत्तीसगढ़ के हैं. इन ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया इसी माह शुरू की जा सकती है.

कोल ब्लॉकों के आबंटन में गड़बड़ी को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. यह आरोप लगाया जा रहा है कि सीएजी ने अपनी रिपोर्ट में 1 लाख 80 हजार करोड़ का नुकसान होने की बात कही है. इसी बीच कोयला मंत्रालय ने अलग-अलग राज्यों में 54 नए कोल ब्लॉकों को चिन्हित किया है. इनमें 9 ब्लॉक छत्तीसगढ़ के हैं. इन सभी ब्लॉकों का आबंटन अब नीलामी से करने की तैयारी है.

जिन नए ब्लॉकों को चिन्हित किया गया है, उनमें एक कोरबा का करकोमा ब्लॉक है. 10 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस ब्लॉक में 48.42 मिलियन टन कोल भंडार होने का अनुमान है, जिसे स्पांज आयरन के लिए आरक्षित किया गया है. दूसरा ब्लॉक रायगढ़ के मांड कोल परिक्षेत्र का है. जिलगा बरपाली ब्लॉक 26 वर्ग किलोमीटर में फैला है इसमें 54.579 मिलियन टन कोल भंडार अनुमानित है. यह ब्लॉक पॉवर सेक्टर को आबंटित होगा. हसदेव अरंड क्षेत्र के सैदू नार्थ सेक्टर ब्लॉक 7.25 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है, इसमें 114 मिलियन टन कोयला होने का अनुमान है.

इसी तरह हसदेव अरंड में ही सैदू साउथ सेक्टर ब्लॉक 2.75 वर्ग किलोमीटर में फैला है. इसमें 43.40 मिलियन टन कोयला अनुमानित है. ये दोनों ब्लॉक भी पॉवर सेक्टर को दिए जाएंगे.

मांड रायगढ़ क्षेत्र का बैसी ब्लॉक 6 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और इसमें 150 मिलियन टन कोयला अनुमानित है. इसी तरह कोरबा का केरवा कोल ब्लॉक 11 वर्ग किलोमीटर में फैला है और इसमें 112.94 मिलियन टन का भंडार है. ये दोनों कोल ब्लॉक शासकीय क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं. मांड रायगढ़ में ही बनाई कोल ब्लॉक 17.2 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें 628.71 टन कोयला होने का अनुमान है. मांड रायगढ़ के भालूमुड़ा ब्लॉक 16.4 वर्ग किलोमीटर में फैला है, इसमें 550 मिलियन टन कोल भंडार अनुमानित है.

इसी तरह हसदेव अरंड क्षेत्र में कांटे विस्तार कोल ब्लॉक 17 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला है. इसमें 200 मिलियन टन कोयले का भंडार है. ये तीनों कोल ब्लॉक भी शासकीय क्षेत्र के लिए आरक्षित हैं.

कोल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय क्षेत्र के लिए आरक्षित कोल ब्लॉक सिर्फ व्यावसायिक खनन के लिए आबंटित होंगे. इसके लिए आवेदन आमंत्रित कर नियम शर्तों के आधार पर आबंटन को अंतिम रूप दिया जाएगा. उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में पूर्व में आबंटित कई कोल ब्लॉक नो गो एरिया में आने के कारण वहां वन पर्यावरण की मंजूरी नहीं मिली है. इससे जिन कंपनियों को ये कोल ब्लॉक आबंटित हुए हैं, वे अब तक परेशान हैं.


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