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डिंपल के सामने कांग्रेस का समर्पण

डिंपल के सामने कांग्रेस का समर्पण

लखनऊ. 5 जून 2012

डिंपल यादव


उत्तरप्रदेश की कन्नौज लोकसभा सीट पर समाजवादी पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने अपना नामांकन दाखिल किया है. इसके बाद कांग्रेस ने कहा है कि वह डिंपल के खिलाफ अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी. दो महीने पहले तक कांग्रेस पार्टी के लिये समाजवादी पार्टी देश की सर्वाधिक भ्रष्ट और अपराधियों से भरी पार्टी थी लेकिन माना जा रहा है कि राष्ट्रपति चुनाव में सपा के साथ तालमेल को लेकर ही कांग्रेस समर्पण की मुद्रा में आ गई है.

नामांकन दाखिल करने पहुंची डिंपल यादव ने कहा कि वह इस क्षेत्र के विकास के लिए पूरी ईमानदारी और निष्ठा से काम करेंगी. उन्होंने कहा कि कन्नौज से समाजवादियों का बहुत पुराना नाता है. मैं आपकी बहू और बेटी होने के नाते पूरे हक से कह रही हूं कि उप-चुनाव की कमान आप अपने हाथों में लें और आचार संहिता का पालन करते हुए भारी मतों के जीत दर्ज कराएं.

मुलायम सिंह की बहु और अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने कहा कि आपके आग्रह पर ही पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व ने मुझे उप-चुनाव के लिए सपा का उम्मीदवार बनाया है. उन्होंने कहा कि सपा ऐसी पार्टी है जिसकी करनी और कथनी में अंतर नहीं रहता. वर्तमान सपा सरकार देश की ऐसी पहली सरकार है जिसने अपने चुनावी घोषणा पत्र में किए वादों को अमली जामा पहनाया.

गौरतलब है कि उत्तरप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने के बाद अखिलेश यादव ने कन्नौज लोकसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था. वे कन्नौज सीट से लगातार तीन बार लोकसभा में पहुंचे हैं. उनके इस सीट को छोड़ने के समय से ही इस सीट पर डिंपल यादव के चुनाव लड़ने की चर्चा शुरु हो गई थी. इसके बाद समाजवादी पार्टी की कन्नौज इकाई ने डिंपल यादव को पार्टी का प्रत्याशी बनाने का प्रस्ताव पारित कर पार्टी सुप्रीमो को भेज दिया था. प्रस्ताव में कहा गया है कि डिंपल यादव के अलावा कोई दूसरा प्रत्याशी जिले के कार्यकर्ताओं को स्वीकार नहीं होगा. हालांकि समाजवादी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव अपनी बहुरिया डिंपल यादव के चुनाव लड़ने को लेकर थोड़े आशंकित भी हैं. क्योंकि 2009 के उपचुनाव में डिंपल यादव अपने पति अखिलेश यादव द्वारा खाली की गई फिरोजाबाद सीट पर चुनाव लड़ कर राज बब्बर के हाथों हार गई थीं. अखिलेश फिरोजाबाद और कन्नौज दोनों ही सीटों से जीते थे, जिसके बाद उन्होंने फिरोजाबाद सीट से त्यागपत्र दिया था. लेकिन वहां के उपचुनाव में जनता ने उनकी पत्नी के बजाये राज बब्बर पर अधिक भरोसा जताया.


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