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कैदी-गाड़ी हमला, माओवादियों ने माफी मांगी

कैदी-गाड़ी हमला, माओवादियों ने माफी मांगी

रायपुर. 6 जून 2012

Naxalism in Chhattisgarh


माओवादियों ने शनिवार को छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में कैदियों को ले जा रही पुलिस की एक गाड़ी पर हमले के लिए माफी मांगी है. इस हमले में छह पुलिसकर्मी और 19 कैदी घायल हो गए थे. एक घायल पुलिसकर्मी की बाद में मौत हो गई.

माओवादी प्रवक्ता ने अपने बयान में अपनी गलती मानते हुए हमले पर अफसोस जताया है. उन्होंने घटना की जांच और उसके बाद जरूरी कार्रवाई करने की बात भी कही है. 'छत्तीसगढ़’ को भेजे गए बयान में कहा गया है-'दो जून को हमारी एक टुकड़ी ने जमीनी सुरंग में विस्फोट करके पुलिस की एक गाड़ी को उड़ा दिया था जो कि कैदियों के लेकर जा रही थी. हम इस दुर्भाग्यजनक घटना के अफसोस जाहिर करते हैं. हमारी खुफिया नाकामी और गलती से इस गाड़ी को निशाना बना दिया गया था. मैं सारे घायल कैदियों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त करती हूं. इसके साथ मैं कैदियों और उनके परिवार के सदस्यों से अपील करती हूं कि वे इस दुर्भाग्यजनक हादसे के लिए हमें माफ करें. इसके साथ मैं सभी लोगों से यह अपील करती हूं कि हमारी इस मानवीय गलती को सहानुभूतिपूर्वक समझने की कृपा करें जो कि जनता पर थोपे गए अन्यायपूर्ण युद्ध का विरोध करते हुए हमसे हो गई है. मैं सभी कैदियों को और जनता को यह भरोसा दिलाना चाहती हूं कि हम आगे अपनी कार्रवाई में पूरी सावधानी बरतेंगे ताकि ऐसी कोई घटना न हो. हम इस मामले की पूरी तहकीकात करेंगे और उसके नतीजों के आधार पर सबक सीखेंगे और आगे कार्रवाई करेंगे- नीति, प्रवक्ता, पूर्वी बस्तर डिवीजनल कमेटी (माओइस्ट)

ये हमला रायपुर से 210 किलोमीटर दूर नए बने जिले कोंडागांव में हुआ. हमले के वक्त कैदियों को अदालत में पेशी के बाद कोंडागांव से वापस बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर ले जाया जा रहा था. हमले के बाद पुलिस ने कहा था कि संभवत: गलती से ये हमला हुआ है क्योंकि जेल की गाड़ी भी पुलिस और अर्धसैनिक बलों की गाडिय़ों जैसी ही दिखती है.

नक्सलियों ने दो जून को पेशी में लाए गए कैदियों को लेकर जगदलपुर जा रही जा रही गाड़ी को अपना निशाना बनाया था. कोंडागांव के भानपुरी पुल के पास हुए इस विस्फोट में 3 पुलिस जवान समेत 10 कैदी घायल हो गए थे. बाद में एक जवान की मौत हो गई थी. प्रदेश में पहली बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर ऐसा विस्फोट किया गया था.


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