पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

अन्ना हजारे को पीएमओ का कड़ा जवाब

अन्ना हजारे को पीएमओ का कड़ा जवाब

नई दिल्ली. 9 जून 2012

अन्ना हजारे


प्रधानमंत्री कार्यालय ने टीम अन्ना को एक कड़ा जवाबी पत्र लिखते हुये कहा है कि मनमोहन सिंह और उनके मंत्रियों के खिलाफ लगाये गये आरोप झूठे हैं. केंद्र सरकार की ओर से राज्य मंत्री नारायणसामी ने टीम अन्ना को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और 14 कैबिनेट मंत्रियों पर लगाए गए करप्शन के आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है. मनमोहन सिंह पर कोयला घोटाले के आरोपों को पीएमओ ने बेबुनियाद और मनगढ़ंत करार दिया है. कैबिनेट मंत्रियों पर लगाए गए करप्शन के आरोपों को भी मनमाना बताते हुए एसआईटी जांच की मांग को खारिज कर दिया गया है. इतना ही नहीं, पीएमओ में राज्य मंत्री नारायण सामी ने यहां तक कह दिया कि अन्ना हजारे देश विरोधी तत्वों से घिरे हैं.

पीएमओ के राज्य मंत्री नारायणसामी की अन्ना हजारे को लिखी इस चिट्ठी में कोयला आवंटन को लेकर लगाए गए आरोपों पर अफसोस जताया गया है. चिट्ठी में लिखा गया है कि इस तरह के मनमाने आरोप मंजूर नहीं किए जाएंगे. करप्शन रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं. सीबीआई, ईडी और सीएजी ठीक तरह से काम कर रहे हैं. टीम अन्ना से कहा गया है कि अगर वह कोयला आवंटन का पूरा ब्यौरा जानना चाहते हैं तो यह मंत्रालय की बेवसाइट पर मौजूद है.

गौरतलब है कि समाजसेवी अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिख कर उनके साथ-साथ उनके 14 मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे. अन्ना हजारे ने 79 पन्नों में मंत्रियों के भ्रष्टाचार के दस्तावेज के साथ प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर कहा था कि अगर 24 जुलाई 2012 तक इस पर कार्रवाई नहीं हुई तो देश भर में इस मुद्दे पर आंदोलन किया जायेगा.

अन्ना ने अपने पत्र में कहा था कि सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग इत्यादि देश की सभी जांच एजेंसियां आपके और आपके मंत्रिमंडल के सीधे नियंत्रण में है. सीबीआई को बने हुए आज 49 साल हो गये. सीबीआई को इसलिए बनाया गया था ताकि नेताओं और बड़े अफसरों के भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई हो सके. लेकिन सीबीआई उन्हीं लोगों के नियंत्रण में है जिनके खिलाफ उसे जांच करनी है. यही वजह है कि आज अपने 49 साल के इतिहास में सीबीआई केवल 3 नेताओं को सज़ा दिलवा पाई है.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in