भंवरी के हत्यारों को साथी ले भागे
भंवरी के हत्यारों को साथी ले भागे
जोधपुर. 15 जून 2012
लोक कलाकार और नर्स भंवरी देवी की हत्या के आरोपी कैलाश जाखड़ को गुरुवार की सुबह
फिल्मी अंदाज में भगा ले जाने वाले अपराधियों का अब तक सुराग नहीं मिल सका है.
पुलिस द्वारा दबोचे गये अपराधियों के साथी भेड़ भाखरी से पुलिस पूछताछ कर रही है.
पुलिस को भरोसा है कि इस मामले में जल्दी ही आरोपी गिरफ्तार कर लिये जाएंगे.
गुरुवार की सुबह भंवरी देवी हत्याकांड के आरोपी विशनाराम और कैलाश जाखड़ एक पुराने
मुकदमे के सिलसिले में अदालत में पेश किये गये थे, लेकिन ऐन मौके पर विशनाराम के
गिरोह के लोगों ने कोर्ट परिसर पर धावा बोला और जम कर गोली बारी करते हुये इन दोनों
को छुड़ाने की कोशिश की. अंत में वे केवल कैलाश जाखड़ को ले जाने पाये. इस दौरान
पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसके बाद अपराधियों का एक साथी हनुमानराम निवासी भेड़
भाखरी गिरफ्तार कर लिया गया.
इस घटना की खबर लगने के बाद प्रशासनिक अमला सकते में आ गया. शहर के सभी इलाकों को
सील कर दिया गया. हालांकि इस घटना के बाद से अब तक अपराधियों का पता नहीं चल पाया
है. इधर राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय
कमेटी गठित की है.
गौरतलब है कि भंवरी देवी एक सितंबर से ही लापता थी. भंवरी देवी ने अपनी कार जल
संसाधन विभाग के एक ठेकेदार सोहनलाल विश्नोई को बेची थी. एक सितंबर को वह विश्नोई
से कार की रकम लेने के लिए घर से निकली थी, लेकिन उसके बाद वह नहीं लौटी. माना जा
रहा है कि राज्य सरकार के कुछ विधायक और मंत्री के साथ भंवरी देवी के कुछ आपत्तिजनक
सीडी हैं और इसी कारण से उनका अपहरण किया गया. कहा जाता है कि भंवरी देवी कथित
अश्लील सीडी के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर रही थी. ऐसे कई टेप सामने आए हैं, जिससे
ब्लैकमेलिंग की बात साबित होती है.
भंवरी देवी के पति अमरचंद का आरोप था कि उसे सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने गायब
कराया था. उसका कहना था कि उसकी 37 वर्षीय पत्नी जालीवाड़ा पीपाड़ में एएनएम के पद पर
कार्यरत थी. उसने अपने इच्छित स्थान पर तबादला करवाने के लिए राज्य सरकार के मंत्री
महिपाल मदेरणा से संपर्क किया. इस पर मदेरणा ने उसका स्थानांतरण तो करवा दिया,
लेकिन इसके बाद फोन कर भंवरी को किसी न किसी बहाने बुलाने लगे.
इस मामले में जोधपुर जिले की एक अदालत ने भंवरी देवी के पति के इस्तगासे के आधार पर
जलदाय मंत्री महिपाल मदेरणा के खिलाफ भी मामला दर्ज करने के निर्देश पुलिस को दिए
थे. बाद में उच्च न्यायालय ने भी सरकार को फटकार लगाई.इसके बाद जब विरोध बढ़ा तो
मदेरणा को सरकार ने मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया. बाद में उनकी गिरफ्तारी हुई.
इसी तरह भंवरी के पति अमरचंद को गिरफ्तार किया गया क्योंकि सीबीआई को कई अहम सबूत
मिले, जिससे पता चलता है कि भंवरी की हत्या की जानकारी थी.
इसके बाद विधायक मलखान सिंह विश्नोई की गिरफ्तारी के बाद सहीराम बिश्नोई ही वह शख्श
था, जिसपर सीबीआई की नजरे लगी हुई थी लेकिन तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी गिरफ्तारी
नहीं हो पा रही थी. बाद में सहीराम की गिरफ्तारी के बाद भी सीबीआई को भंवरी का पता
नहीं चल पाया. इसके बाद एक और अभियुक्त कैलाश जाखड़ की गिरफ्तारी की गई, जिसकी
निशानदेही पर पुणे से बिशनाराम विश्नोई को सीबीआई ने धर दबोचा. बिशनाराम के बयानों
के आधार पर पुलिस ने कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया.