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फिर मोदी के खिलाफ भड़के नीतीश

फिर मोदी के खिलाफ भड़के नीतीश

पटना. 19 जून 2012

नीतीश कुमार


बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार फिर सांप्रदायिक दंगों के आरोपों से घिरे हुये गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ताल ठोंक कर खड़े हो गये हैं. मंगलवार को एक बार फिर नीतीश कुमार ने कहा है कि भारत का प्रधानमंत्री धर्मनिरपेक्ष छवि वाला होना चाहिये. उन्होंने यह भी कहा कि 2014 के चुनाव से पहले प्रधानमंत्री का उम्मीदवार तय हो जाना चाहिये.

गौरतलब है कि भाजपा नेताओं द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार बनाये जाने के मुद्दे पर नीतीश कुमार पहले भी खुल कर नरेंद्र मोदी के खिलाफ बोल चुके हैं. नीतीश कुमार ने मोदी का नाम लिये बिना कहा था कि देश ऐसे व्यक्ति को प्रधानमंत्री के तौर पर स्वीकार नहीं करेगा, जिसके खिलाफ सांप्रदायिक दंगों के आरोप हों.

एक अंग्रेजी अखबार से बातचीत में नीतीश कुमार ने कहा कि वे खुद को प्रधानमंत्री का भावी उम्मीदवार नहीं मानते. उन्होंने यह भी कहा कि छोटे दलों की भूमिका सिर्फ सहयोगी की होती है. लेकिन नीतीश कुमार ने खुलकर कहा कि जो भी व्यक्ति प्रधानमंत्री का उम्मीदवार हो, उसकी छवि धर्मनिरपेक्ष होनी चाहिए और जिसकी लोकतांत्रिक मूल्यों में आस्था हो. साथ ही उसकी छवि दागदार नेता के रूप में नहीं होनी चाहिए.

नरेंद्र मोदी का नाम लिये बिना उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार ऐसा हो, जो सहयोगी दलों को साथ लेकर चले. ऐसा नेता प्रधानमंत्री नहीं बन सकता, जो एकतरफा फैसला ले. देश में गठबंधन की राजनीति चल रही है और आने वाले दिनों में इस स्थिति के बदलने की कोई गुंजाइश नहीं नजर आती.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

Milind [] NJ, USA - 2012-06-19 16:39:34

 
  भाजपा के क्रोध की पर्वा ना करते हुए नितीश कुमार साहेब ने जो सही बात कही हैं, वो अभिनन्दन के पात्र हैं. अगर भाजपा उनका कहना मानेगी और गैर-मोदी नाम आगे लाएगी (सुषमा स्वराज?) तो शायद उन्हें अगली लोकसभा में विजय हासिल हो सकता हैं. अब नितीश कुमार के सामने एक नहीं, दो ताकतवर चुनौतियाँ हैं: लालू प्रसाद और मोदी. 
   
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