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राजेश खन्ना ने किया बीमारी का खंडन

राजेश खन्ना ने किया बीमारी का खंडन

मुंबई. 21 जून 2012

राजेश खन्ना


हिंदी फिल्मों के पहले सुपरस्टार अभिनेता राजेश खन्ना की तबीयत में सुधार हुआ है. इससे पहले उनके मैनेजर अश्विनी के हवाले से खबर आई थी कि उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है. अश्विनी का कहना था कि पिछले चार दिनों से उन्होंने अन्न का एक दाना तक नहीं खाया है. उनका इलाज अभी घर में ही चल रहा है. इधर गुरुवार को राजेश खन्ना ने घर की बालकनी में आकर हंसते हुए फैंस का अभिवादन किया. उनके साथ डिंपल कपाड़िया और दामाद अक्षय कुमार भी थे. अक्षय के मुताबिक राजेश खन्‍ना की हालत नाजुक होने की खबर सही नहीं है.

राजेश खन्ना के मैनेजर अश्विनी के अनुसार 69 वर्षीय राजेश खन्ना को इसी साल अप्रैल में अस्पताल में भर्ती कराया गया था. उन्हें बेचैनी और कमजोरी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इसके बाद उनकी तबीयत ठीक हो गयी थी लेकिन पिछले सप्ताह से उनकी तबीयत फिर खराब हो गयी थी.

पिछले कुछ सालों से फिल्मों में कभी कभार नजर आने वाले राजेश खन्ना ने हाल ही में एक ऐड फिल्म में भी काम किया था. बाल्की की एड एजेंसी ने इस विज्ञापन को बनाया था.

29 दिसंबर 1942 को अमृतसर में जन्मे राजेश खन्ना का असली नाम जतिन खन्ना है. 1966 में उन्होंने पहली बार 24 साल की उम्र में आखिरी खत नामक फिल्म में काम किया था. इसके बाद राज, बहारों के सपने, औरत के रूप जैसी कई फिल्में उन्होंने की लेकिन उन्हें असली कामयाबी 1969 में आराधना से मिली. इसके बाद एक के बाद एक 14 सुपरहिट फिल्में देकर उन्होंने हिंदी फिल्मों के पहले सुपरस्टार का तमगा अपने नाम किया.

1971 में राजेश खन्ना ने कटी पतंग, आनन्द, आन मिलो सजना, महबूब की मेंहदी, हाथी मेरे साथी, अंदाज नामक फिल्मों से अपनी कामयाबी का परचम लहराये रखा. बाद के दिनों में दो रास्ते, दुश्मन, बावर्ची, मेरे जीवन साथी, जोरू का गुलाम, अनुराग, दाग, नमक हराम, हमशक्ल जैसी फिल्में भी कामयाब रहीं. 1980 के बाद राजेश खन्ना का दौर खत्म होने लगा. बाद में वे राजनीति में आये और 1991 में वे नई दिल्ली से कांग्रेस की टिकट पर संसद सदस्य चुने गये. 1994 में उन्होंने एक बार फिर खुदाई फिल्म से परदे पर वापसी की कोशिश की. आ अब लौट चलें, क्या दिल ने कहा, जाना, वफा जैसी फिल्मों में उन्होंने अभिनय किया लेकिन इन फिल्मों को कोई खास सफलता नहीं मिली.


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