पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

सोनिया को पीएम बनाने कलाम ने कर ली थी तैयारी

सोनिया को पीएम बनाने कलाम ने कर ली थी तैयारी

नई दिल्ली. 30 जून 2012

एपीजे कलाम


भारत के पूर्व राष्ट्रपति एपीजे कलाम ने कहा है कि उन्हें 2004 में सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री बनाये जाने को लेकर कोई ऐतराज नहीं जताया था. कलाम का दावा है कि राजनीतिक पार्टियों के भारी दबाव के बावजूद सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाने के लिए वे पूरी तरह तैयार थे. कलाम के अनुसार उनके समक्ष संवैधानिक रूप से मान्य एकमात्र विकल्प सोनिया गांधी ही थीं. अपनी नई किताब 'टर्निंग पॉइंट्स' के में कलाम ने यह रहस्योद्घाटन किया है. इससे पहले भाजपा दावा करती रही है कि सोनिया गांधी को शपथ दिलाने से एपीजे कलाम ने मना किया था और उन्होंने सोनिया गांधी के विदेशी मूल के मुद्दे को उठाकर कांग्रेस से कोई और नाम प्रधानमंत्री पद के लिये सुझाने को कहा था.

एपीजी कलाम ने शीघ्र प्रकाश्य अपनी किताब 'विंग्स ऑफ फायर' के दूसरे संस्करण में लिखा है कि मई 2004 में हुए चुनाव के नतीजों के बाद सोनिया गांधी उनसे मिलने आई थीं. राष्ट्रपति भवन की ओर से उन्हें प्रधानमंत्री बनाए जाने को लेकर चिट्ठी तैयार कर ली गई थी.

कलाम के अनुसार- यदि सोनिया गांधी ने खुद प्रधानमंत्री बनने का दावा पेश किया होता, तो मेरे पास उन्हें नियुक्त करने के अलावा कोई विकल्प नहीं था. जाहिर है, कलाम यह तय कर चुके थे कि उन्हें सोनिया गांधी को प्रधानमंत्री के पद की शपथ दिलानी है. लेकिन मनमोहन सिंह का इस दृश्य में पदार्पण कलाम के लिये चौंकाने वाला था.

बकौल एपीजे कलाम- 18 मई 2004 को जब सोनिया गांधी मनमोहन सिंह को लेकर आईं, तो मुझे आश्चर्य हुआ. सोनिया गांधी ने मुझे कई दलों के समर्थन के पत्र दिखाए. मैंने उनसे कहा कि उनकी सुविधा के मुताबिक वह शपथ दिलाने को तैयार हैं. सोनिया ने बताया कि वह मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री के पद पर मनोनीत करना चाहती हैं. ये मेरे लिए आश्चर्य का विषय था और राष्ट्रपति भवन के सचिवालय को चिट्ठियां फिर से तैयार करनी पड़ीं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in