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प्रसव के दौरान हर घंटे 6 मौत

प्रसव के दौरान हर घंटे 6 मौत

नई दिल्ली. 3 जुलाई 2012

प्रसव


संयुक्त राष्ट्र संघ का दावा है कि प्रसव के दौरान भारत में हर दस मिनट में एक महिला की मौत होती है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने भारत की इस हालत पर चिंता जताते हुये कहा है कि स्वास्थ्य की दिशा में भारत को और काम करने की जरुरत है. संयुक्त राष्ट्र संघ ने 2010 के आंकड़ों का हवाला देते हुये कहा है कि इस साल 57000 महिलाएं मां बनने के दौरान मौत का शिकार हुई हैं.

सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों को लेकर संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार मातृत्व मुत्यु दर को घटाने के मोर्चे पर प्रगति हुई है लेकिन जो उद्देश्य तय किया गया था, वो अब भी बहुत दूर है.

संयुक्त राष्ट्र के जनसंख्या कोष की भारत में प्रतिनिधि फ्रेडेरिका मेइजर का कहना है कि भारत मातृत्व मुत्यु दर को कम करने के मामले में आगे बढ़ रहा है. हमने इस दिशा में प्रगति की है. 1999 से 2009 के बीच मां बनने के दौरान होने वाली मौतों में 38 फीसदी की कमी आई है. प्रगति हुई है लेकिन हम अपने लक्ष्य तक नही पहुंच पाए हैं. 2010 के आंकड़ों के मुताबिक भारत में हर रोज 150 महिलाएं मां बनने के दौरान मर रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार को इस स्थिति को रोकना होगा और महिलाओं को गर्भ निरोधकों के बारे में जागरुक करना होगा.

संयुक्त राष्ट्र संघ की सहस्राब्दि विकास लक्ष्य रिपोर्ट 2012 के अनुसार दुनिया भर में 2010 में 2,87,000 मातृत्व मौतें हुईं. 1990 से इस आंकड़े की तुलना करें तो इसमें 47 फीसदी की कमी आई है. इनमें से सबसे ज्यादा 56 प्रतिशत मौतें सब-सहारा अफ्रीका में हुईं, जबकि उसके बाद 29 प्रतिशत के मौतें दक्षिण एशिया में हुई हैं. यानी इन दोनों इलाकों में 85 फीसदी मौत हुई है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

RAJPUT PATHU [] DEODAR ,BANASHAKANTHA ,GUJARAT - 2012-07-11 03:51:39

 
  मातृत्व रोकने में ही भारत की भलाई है और इसे रोकना चाहिये.... जरुर. 
   
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