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टाइम ने मनमोहन को कहा कमजोर नेता

टाइम ने मनमोहन को कहा कमजोर नेता

नई दिल्ली. 8 जुलाई 2012

टाइम ने मनमोहन सिंह को कमजोर नेता बताया है


प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अब अमरीकी मीडिया के निशाने पर आ गये हैं. अमरीकी पत्रिका टाइम ने अपने ताज़ा अंक में अपनी कवर स्टोरी में उन्हें एक कमज़ोर नेता बताया है और उन्हें एक ऐसा नेता बताया है, जो उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा.

द अंडरअचीवर नाम से लिखी गई टाइम पत्रिका की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत को एक नई शुरूआत की ज़रूरत है. क्या प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह इसके लिए योग्य हैं? रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि आर्थिक विकास में आई गिरावट की चुनौती, भारी वित्तीय घाटे और रूपए की गिरती कीमत के अतिरिक्त कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूपीए गठबंधन लगातार भ्रष्टाचार के विवादों में घिरा है और उस पर आर्थिक दिशा तय नहीं करने के आरोप लग रहे हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के मामले में घरेलू और विदेशी निवेशक घबरा रहे हैं. मतदाताओं का विश्वास भी, महँगाई बढ़ने से और सरकार की विश्वसनीयता को नुकसान पहुँचाने वाले विवादों से, कमज़ोर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले तीन वर्षों में, वो शांत आत्मविश्वास जो कभी उनके चेहरे पर चमकता था, वो गायब हो गया है. लगता है, वो अपने मंत्रियों को नियंत्रित नहीं कर पा रहे और उनका वित्त मंत्रालय का अस्थायी कार्यभार, सुधारों को लेकर इच्छुक नहीं है, जिससे उस उदारीकरण को जारी रखा जा सकेगा, जिसकी शुरूआत में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

टाइम पत्रिका की रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसे समय में जबकि भारत आर्थिक विकास में धीमेपन को सहन नहीं कर सकता, विकास और नौकरियों को बढ़ाने में सहायक विधेयक संसद में अटके पड़े हैं. इस तरह के विधेयकों के लटके रहने से ये चिंता पैदा होती है कि राजनेताओं ने वोट की खातिर उठाए गए अल्पावधि वाले और लोकप्रियता वाले उपायों के चक्कर में असली लक्ष्य को भुला दिया है.


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