पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

संघर्ष को रचनात्मकता देने वाले अनूठे जॉर्

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

अंतिम सांसे लेता वामपंथ

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

पूर्वोत्तर व कश्मीर में घिरी केंद्र सरकार

भीड़ के ढांचे का सच खुल चुका

रिकॉर्ड फसल लेकिन किसान बेहाल

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >गुजरात Print | Share This  

बेस्ट बेकरी कांड में चार की सजा बरकरार

बेस्ट बेकरी कांड में चार की सजा बरकरार

मुंबई. 9 जुलाई 2012

मुंबई हाई कोर्ट


मुंबई उच्च न्यायालय ने 2002 के गुजरात के बेस्ट बेकरी दंगा मामले के पांच आरोपियों को सबूतों के अभाव में सोमवार को बरी कर दिया. लेकिन चार अन्य लोगों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा. इन चारों को निचली अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. इस हत्याकांड में एक मार्च 2002 को उग्र भीड़ ने वड़ोदरा में बेस्ट बेकरी पर हमला कर दिया था और लूटपाट करने के बाद 14 लोगों की हत्या कर दी थी.

न्यायमूर्ति वी एम कनाडे और पी डी कोडे की पीठ ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आरोपियों की अपील पर गत तीन जुलाई को सुनवाई पूरी कर ली थी. उसने संजय ठक्कर, बहादुर सिंह चौहान, सानाभाई बारिया और दिनेश राजभर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा को बरकरार रखा. न्यायाधीशों ने चार घायल गवाहों के बयान पर भरोसा किया. ये सभी बेस्ट गवाह बेकरी में काम करते थे. इन गवाहों ने आरोपियों की पहचान की थी और कहा था कि ये लोग गोधरा कांड के बाद सांप्रदायिक दंगों के दौरान घटनास्थल पर तलवार और अन्य घातक हथियारों के साथ मौजूद थे.

हालांकि, पीठ ने निचली अदालत के आदेश को पलट दिया और राजूभाई बारिया, पंकज गोसवी, जगदीश राजपूत, सुरेश, लाला देवजीभाई वसव और शैलेश तडवी को बरी कर दिया. अदालत ने कहा कि उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं है. न्यायाधीशों ने कहा कि किसी भी गवाह ने दंगों के दौरान उनकी भूमिका नहीं बताई थी.दो सदस्यीय पीठ ने नौ दोषियों की ओर से इस साल मार्च में दायर अपील पर दैनिक आधार पर सुनवाई शुरू की थी.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in