पहला पन्ना प्रतिक्रिया   Font Download   हमसे जुड़ें RSS Contact
larger
smaller
reset

इस अंक में

 

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

सवाल विकास की समझ का

प्रतिरोध के वक्ती सवालों से अलग

गरीबी उन्मूलन के नाम पर मज़ाक

जनमत की बात करिये सरकार

नेपाल पर भारत की चुप्पी

लोहिया काल यानी संसद का स्वर्णिम काल

स्मार्ट विलेज कब स्मार्ट बनेंगे

पाकिस्तान आंदोलन पर नई रोशनी

नर्मदा आंदोलन का मतलब

क्यों बढ़ रहा भूख का आंकड़ा

हमारे कुलभूषण को छोड़ दो

भारत व अमेरिका में केमिकल लोचा

युद्ध के विरुद्ध

किसके साथ किसका विकास

क्या बदल रहा है हिन्दू धर्म का चेहरा?

मोदी, अमेरिका और खेती के सवाल

 
  पहला पन्ना >राजनीति >दिल्ली Print | Share This  

आनंद मोहन की उम्रकैद की सजा बरकरार

आनंद मोहन की उम्रकैद की सजा बरकरार

नई दिल्ली. 10 जुलाई 2012

आनंद मोहन


उच्चतम न्यायालय ने बिहार के गोपालगंज के कलेक्टर जी कृष्णैय्या की हत्या के मामले में पूर्व सांसद आनंद मोहन सिंह की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा है. जस्टिस एके पटनायक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने पटना उच्च न्यायालय के फैसले पर मुहर लगाते हुये आनंद मोहन सिंह की अपील ठुकरा दी.

आनंद मोहन सिंह पर आरोप है कि बिहार पीपुल्स पार्टी के प्रमुख के तौर पर काम करते हुये उन्होंने भीड़ के साथ मिलकर 5 दिसंबर 1994 को दिन गोपालगंज के कलेक्टर कृष्णैय्या को मार दिया था. शिवहर से पूर्व सांसद आनंद मोहन को 2007 में अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र न्यायाधीश आरएस राय ने धारा 302 और 109 के तहत मृत्युदंड की सज़ा सुनाई थी.

आनंद मोहन सिंह ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसके बाद पटना हाईकोर्ट ने दिसंबर 2008 में आनंद मोहन की मृत्यु की सज़ा को बदल कर आजीवन कारावास कर दिया था. जिसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी. मंगलवार को इस मामले की सुनवाई करते हुये उच्चतम न्यायालय ने आनंद मोहन सिंह की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखने के आदेश दिये हैं.


इस समाचार / लेख पर अपनी प्रतिक्रिया हमें प्रेषित करें

  ई-मेल ई-मेल अन्य विजिटर्स को दिखाई दे । ना दिखाई दे ।
  नाम       स्थान   
  प्रतिक्रिया
   


 
  ▪ हमारे बारे में   ▪ विज्ञापन   |  ▪ उपयोग की शर्तें
2009-10 Raviwar Media Pvt. Ltd., INDIA. feedback@raviwar.com  Powered by Medialab.in