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मैं भी पेशाब पीता था-स्वामी अग्निवेश

मैं भी पेशाब पीता था-स्वामी अग्निवेश

नई दिल्ली. 11 जुलाई 2012

स्वामी अग्निवेश


समाजसेवी और आर्यसमाजी नेता स्वामी अग्निवेश ने पश्चिम बंगाल के विश्व भारती हॉस्टल में पांचवी कक्षा की बच्ची को पेशाब पिलाने के मुद्दे पर वार्डन का बचाव किया है. स्वामी अग्निवेश ने कहा कि पेशाब पिलाना एक पारंपरिक चिकित्सा पद्धति है और इसे मीडिया अनावश्यक रुप से तुल दे रही है. उन्होंने कहा उन्हें खुद वयस्क होने तक इस तरह की समस्या थी, जिसके बाद उन्होंने स्वमूत्र चिकित्सा पद्धति अपनाई, जिसका लाभ उन्हें हुआ. उन्होंने कहा कि वे लंबे समय तक पेशाब पीते रहे, जिसके कारण उनकी समस्या दूर हुई.

गौरतलब है कि विश्व भारती के पाथा भवन स्कूल के एक हॉस्टल में बिस्तर गीला करने वाली पांचवीं कक्षा की एक बच्ची को हॉस्टल वार्डन ने पेशाब पिलाने की अमानवीय सजा दी थी. शनिवार को जब काराबी छात्रावास की वार्डन उमा पोद्दार ने हॉस्टल का निरीक्षण करते समय पाया कि एक बच्ची पुनीता ने बिस्तर गीला कर दिया है. पुनीता के परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन ने इसके बाद पुनीता को खुद का पेशाब पीने के लिये बाध्य किया.

इस घटना के बाद दहशत में पड़ी बच्ची ने पूरा मामला अपनी मां को बताया, जिसके बाद पुनीता के परिजन हॉस्टल पहुंचे और उन्होंने वार्डन के साथ हाथापाई की. बाद में किसी तरह हॉस्टल वार्डन अभिभावकों के चंगुल से बच कर भागी. इस घटना से गुस्साए बच्ची के परिजनों ने बीरभूम जिले के बोलपुर थाने में हॉस्टल वार्डन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई.

इधर विश्व भारती के प्रवक्ता ने कहा कि इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरे मामले की जांच के लिए छात्र कल्याण संकाय की पूर्व डीन अरूणा मुखर्जी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है. इसकी रिपोर्ट जल्दी ही विश्वविद्यालय के कुलपति को सौंपी जाएगी. इधर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने भी विश्वविद्यालय से पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है.

 

इस समाचार / लेख पर पाठकों की प्रतिक्रियाएँ

 
 

rajjan [] muzaffarpur,bihar - 2012-07-11 13:28:28

 
  अब समझ में आया कि इनकी बुद्धि कैसा भ्रष्ट हुई... 
   
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