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दारा सिंह नहीं रहे

दारा सिंह नहीं रहे

मुंबई. 12 जुलाई 2012

दारा सिंह


भारतीय टीवी और फिल्मों के हनुमान दारा सिंह का गुरुवार को निधन हो गया. 84 साल के दारा सिंह को पिछले सप्ताह दिल का दौरा पड़ने के बाद कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती करवाया गया था लेकिन बुधवार को चिकित्सकों ने उनकी हालत में कोई सुधार नहीं होने की घोषणा की थी. जिसके बाद दारा सिंह के बेटे बिंदू उन्हें अपने घर ले गये थे.

पहलवानी करते-करते फिल्मों में आए दारा सिंह की एक खास पहचान थी. उन्होंने हिंदी और पंजाबी की कई फिल्मों में काम किया. लेकिन उनकी पहचान रामायण धारावाहिक से ऐसी बनी कि अंतिम समय तक उन्हें उसी हनुमान के किरदार के तौर पर याद किया जाता रहा. अमृतसर के गांव धरमचूक में 19 नवंबर 1928 को जन्में दारा सिंह रन्धावा की तीन बेटे और तीन बेटियां हैं.

उनके निधन पर अभिनेता अनुपम खेर ने कहा कि दारा सिंह एक ऐसी हस्ती थे, जिनको लेकर लोग कहावतें कहते थे- 'अपने आपको दारा सिंह समझते हैं'. दारा सिंह बड़े सरल स्वभाव के व्यक्ति थे और उनकी हंसी बच्चों जैसी थी. अनुपम खेर ने कहा कि उनके 80वें जन्मदिन पर उनसे मिलने का मौका मिला. उसी वक्त उनसे फुर्सत से बात करने का मौका मिला था. मैंने उनसे कहा कि मैं आपकी फिल्म ‘लुटेरा’ बहुत देखता था. दारा सिंह ने कहा कि अब वैसी फिल्में नहीं बनती हैं तो मैंने कहा कि अब वैसे आदमी भी कहां बनते हैं. दारा ने कभी भी अपने ‘रुस्तम ए हिंद’ होने का एहसास आम जिंदगी में किसी को नहीं होने दिया.

दारा सिंह के पारिवारिक चिकित्सक डॉक्‍टर आर के अग्रवाल ने कहा कि कार्डियो रेस्पिटरी अरेस्‍ट के चलते दारा सिंह का निधन हुआ, लेकिन वह अंतिम समय तक दारा सिंह की ही तरह रहे.

फिल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने कहा कि उनकी मौत के साथ एक महान भारतीय और एक अच्छे व्यक्तित्व चले गए. उनके जाने के साथ एक स्वर्णिम युग का अंत हो गया.

अभिनेता ओमपुरी ने कहा कि दारा सिंह की फिल्में देखकर बचपन में मैं कसरत शुरू कर देता था. उनके चेहरे पर हमेशा शांति रहती थी, वो कभी खूंखार नहीं लगते थे, कभी ताकत दिखाने की कोशिश नहीं की, उनके हाव बाव बिल्कुल एक बच्चे की तरह. धारावाहिक रामायण में राम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल ने कहा कि शूटिंग के दौरान दारा सिंह जब कभी अकेले भी बैठे होते थे तो भी उनकी मुस्कान हमेशा बनी रहती थी. उनसे मिलना ऐसा होता था मानों आप परिवार के किसी बड़े से मिल रहे हों. उन्होंने हनुमान का किरदार जिस तरीके से निभाया, किसी और के लिए मुश्किल होगा.


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